Israel US Iran Ceasefire: पश्चिम एशिया में जंग थम गई है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच 14 दिन का युद्धविराम हुआ है। सीजफायर को लेकर भारत का रिएक्शन भी सामने आया है। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह के युद्धविराम का बुधवार को स्वागत किया है। भारत ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "इस संघर्ष की वजह से लोगों को पहले ही बहुत ज्यादा तकलीफ उठानी पड़ी है और इससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई और व्यापार के नेटवर्क में रुकावट आई है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जहाजो की आवाजाही और दुनिया भर में व्यापार का प्रवाह बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।"
ट्रंप ने क्या कहा?
ईरान और अमेरिका सशर्त युद्धविराम पर सहमत हुए हैं जिसमें सबसे अहम शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलना शामिल है। सीजफायर को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इसे विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन बताया। ट्रंप ने कहा कि ईरान शांति चाहता है, वह अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता, हर कोई यही चाहता है। ट्रंप ने इस बात की भी गारंटी दी है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद करेगा।
ईरानी सेना के आगे नतमस्तक हुए ट्रंप: IRGC
सीजफायर पर बनी सहमति के बाद ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बड़ा बयान दिया है। ईरानी सेना ने कहा कि बड़बोले अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के राष्ट्रीय संकल्प, सैन्य शक्ति और नेतृत्व के मार्गदर्शन से विवश होकर 3 बार पीछे हटने के बाद उसकी 10 सूत्रीय वार्ता योजना को स्वीकार करने के लिए बाध्य हो गए। ईरान की सेनाएं अपने हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक सतर्क रहेंगी।
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