तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक तौर पर नए हालात पैदा हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी प्रशासन को साफ तौर पर बता दिया है कि वह बातचीत के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर के साथ फिर से बातचीत नहीं करना चाहता। CNN ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इसके बजाय ईरान ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ सीधे बातचीत करने की इच्छा जताई है क्योंकि उसका मानना है कि उनका रुख बाकियों के मुकाबले नरम रहा है।
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'विटकॉफ, कुश्नर के साथ बातचीत से कोई फायदा नहीं'
ईरान का कहना है कि विटकॉफ और कुश्नर के साथ बातचीत से कोई फायदा नहीं होगा। इसका कारण पहले की वार्ताओं का टूटना और उसके बाद इजरायल और अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई होना है, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी पैदा हो गई है। वहीं, जेडी वेंस को ईरान विटकॉफ, कुश्नर और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुकाबले अपेक्षाकृत नरम रुख वाला नेता मानता है। ईरान का मानना है कि वेंस युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं और इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहते हैं। दरअसल, वेंस को एक ऐसे नेता के तौर पर देखा जाता है जो आमतौर पर युद्ध की वकालत नहीं करते हैं।
'हमारी पूरी डिप्लोमैटिक टीम इस बातचीत में शामिल है'
बता दें कि मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उनकी पूरी डिप्लोमैटिक टीम इस बातचीत में शामिल है। ट्रंप ने कहा, 'बातचीत में जेडी वेंस, मार्को रुबियो, जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ के साथ मैं भी शामिल हूं।' ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि अमेरिका ने इस जंग को जीत लिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने CNN को बताया कि बातचीत कौन करेगा, यह फैसला सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप का है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप और सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप ही तय करते हैं कि अमेरिका की ओर से कौन बातचीत करेगा।'