Israel US Iran War Update LIVE: अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के बारे में जानकारी देने वाले को 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। भारतीय रुपये में यह 92 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें ईरान के सिक्योरिटी हेड अली लरिजानी का नाम भी शामिल है। जबकि शुक्रवार की अली लरिजानी कुद्स डे के प्रदर्शन में सार्वजनिक रूप से उपस्थित हुए थे। यह जानकारी आरटी डॉट काम ने एक्स पर शेयर किया है।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज रेडियो इंटरव्यू में रूस पर गंभीर आरोप लगाया है। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि पुतिन ईरान की थोड़ी सी मदद कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि वह (पुतिन) उन्हें (ईरान) थोड़ी सी मदद कर रहे हैं, हां, शायद। और वह शायद सोचते हैं कि हम यूक्रेन की मदद कर रहे हैं, ठीक है?" उन्होंने आगे कहा, निष्पक्षता में "वे ऐसा करते हैं और हम भी करते हैं"। उनका यह बयान ऐसे समय आया जब कई अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया कि रूस ईरान को अमेरिकी सेनाओं पर हमले के लिए टारगेटिंग जानकारी मुहैया करा रहा है। वाशिंगटन पोस्ट और सीएनएन जैसी रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और मध्य पूर्व में अन्य सैन्य ठिकानों के लोकेशन की जानकारी ईरान को दे रहा है। यह पहली बार है जब एक प्रमुख अमेरिकी विरोधी देश (रूस) इस युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का संकेत मिला है।
ईरान ने स्टेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाज को निकलने के लिए रास्ता दिए जाने की पुष्टि कर दी है। ईरानी राजदूत ने कहा कि भारत हमारा दोस्त है, इसलिए होर्मुज से भारतीय जहाज को पास दिया गया। इस बीच चीन ने ईरान की बड़ी मदद करने की घोषणा की है। चीन ईरान को 200,000 डॉलर की आपातकालीन सहायता प्रदान करेगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गो जियाकुन ने कहा, "यह धनराशि 28 फरवरी को मीनाब के एक स्कूल पर हुए अमेरिकी हमले में मारे गए छात्रों के परिवारों की सहायता के लिए इस्तेमाल की जाएगी।"
तेहरान टाइम्स ने ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स (IRGC की रणनीतिक कमान) के हवाले एक विवादास्पद दावा किया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford (CVN-78) को रेड सी में जानबूझकर आग लगा दी गई। दावा है कि जहाज के क्रू सदस्यों ने अमेरिकी सेना की हार और ईरान युद्ध में बढ़ते दबाव के डर से खुद आग लगाई, ताकि जहाज को और आगे की कार्रवाई से रोका जा सके। यह कैरियर भूमध्य सागर से हिंद महासागर और ओमान की खाड़ी की ओर भेजा गया था, लेकिन अब रेड सी में तैनात है। अमेरिका ने इस बीच दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
अमेरिकी सेना (US Central Command) ने 12 मार्च को पुष्टि की कि USS Gerald R. Ford पर जहाज के मुख्य लॉन्ड्री क्षेत्र में आग लगी, जो गैर-युद्ध संबंधी (non-combat-related) थी। आग जल्दी नियंत्रित कर ली गई, जहाज पूरी तरह operational है, और प्रोपल्शन प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ। दो अमेरिकी नाविकों को गैर-घातक चोटें आईं, वे स्थिर हालत में इलाजरत हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई प्रतिशोध या दुश्मन हमला नहीं था। यह घटना Operation Epic Fury के दौरान हुई, जो अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त ईरान विरोधी कार्रवाई है।
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब अपने 14वें दिन में प्रवेश कर गई है। दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। मिडिल ईस्ट में जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना के हमले में ईरान के टॉप परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। जंग में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सेना ने बताया कि इराक में अमेरिकी वायु सेना का एक ईंधन भरने वाला विमान क्रैश हो गया है। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी-7 बैठक के दौरान दावा करते कहा कि ईरान जल्द ही सरेंडर करने वाला है।
तेहरान के फर्डोसी स्क्वायर में भीषण विस्फोट
ईरानी राज्य टेलीविजन ने रिपोर्ट किया कि शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान में प्रदर्शनकारियों से भरे एक स्क्वायर में बड़ा विस्फोट हुआ। यह विस्फोट फर्डोसी स्क्वायर में हुआ, जो तेहरान विश्वविद्यालय से एंगेलाब स्ट्रीट के नीचे स्थित है। यह कुद्स डे (यरूशलम डे) प्रदर्शनों का केंद्र है। विस्फोट का कारण तुरंत ज्ञात नहीं हुआ। विस्फोट से ठीक पहले इज़रायल ने चेतावनी दी थी कि वह इस क्षेत्र में हमला कर सकता है। वार्षिक कुद्स डे कार्यक्रम के लिए रैलियां शुरू होने से ठीक पहले तेहरान के आसपास तीव्र हवाई हमले शुरू हो गए थे, जो फिलिस्तीनियों के समर्थन में आयोजित किया जाता है। हमलों के बावजूद, हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और "इज़राइल मुर्दाबाद" तथा "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे।
इस बीच जंग के दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उसने हमलों के दौरान कई मिसाइलें दागी हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने इजरायली और अमेरिकी सेनाओं के खिलाफ हमले किए हैं। फार्स की रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने कहा कि उसने इजरायल के शहर किरयात शमोना, हदेरा और हाइफा के साथ-साथ इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे और अमेरिकी पांचवे बेड़े को भी निशाना बनाया है। इतना ही नहीं ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में खाड़ी देशों यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इन हमलों में नागरिक और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया है। हमलों में कई लोगों की मौत भी हुई है।
जंग 28 फरवरी 2026 से तब शुरू हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से हमले जारी हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़ी घटनाओं पर ताजा अपडेट्स जानने के लिए इंडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।