पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इमरान खान को लेकर अपने छोटे भाई और देश के वर्तमान पीएम शहबाज शरीफ को सलाह दी है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) प्रमुख नवाज ने उन्हें बताया है कि इमरान खान का सामना किस तरह करें। नवाज ने शहबाज से कहा कि उन्हें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान से आजादी मार्च पर बात करने की जरूरत नहीं है। नवाज शरीफ फिलहाल लंदन में हैं और उन्हें इमरान खान की वजह से देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। अब इमरान जल्द चुनाव कराने की मांग को लेकर देश में हकीकी आजादी मार्च निकाल रहे हैं, जिसमें हजारों की तादाद में लोग हिस्सा ले रहे हैं।
पीएमएल-एन राजनीतिक मुद्दों पर नवाज शरीफ का मार्गदर्शन लेती है। नवाज ने देर सोमवार को सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि इमरान खान बार-बार लाखों लोगों को इस्लामाबाद लाने का दावा करते हैं, लेकिन दो हजार लोगों को भी जुटा नहीं पा रहे हैं और ऐसे में अपनी साख बचाने के लिए सरकार से बातचीत करना चाहते हैं। पीएमएल-एन प्रमुख ने कहा, ‘मैंने शहबाज को कहा कि चाहे वह (इमरान) दो हजार या 20 हजार लोगों को लेकर आए, न तो वह (प्रधानमंत्री) इस शरारती तत्व की मांगों को सुने और न ही साख बचाने का रास्ता दे, जिसकी चाह उन्हें बेसब्री से है।’
अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने को कहा
उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज से कहा कि इसके बजाय वह लोगों की सेवा और नकदी संकट से जूझ रही देश की अर्थव्यवस्था पर ध्यान दें। नवाज ने कहा, ‘उन्होंने (इमरान ने) एक के बाद एक झूठ बोले जिसकी वजह से आईएसआई (इंटर सर्विस इंटेलीजेंस) महानिदेशक को चुप्पी तोड़कर देश को सच्चाई बताने पर मजबूर होना पड़ा जिसका उन्होंने (इमरान) कई दिन बीतने के बाद भी जवाब नहीं दिया है।’
सरकार ने 13 सदस्यों की कमेटी बनाई
शनिवार को शहबाज शरीफ ने 13 सदस्यों की कमेटी बनाई है। इस कमेटी में सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के लोगों को भी शामिल किया गया है और मार्च को देखते हुए इसका गठन किया गया है। शहबाज ने कहा था कि अगर किसी को सरकार से बात करनी है तो उसे इस कमेटी से संपर्क करना होगा। इमरान खान की बात करें, तो उन्होंने 28 अक्टूबर को हकीकी आजादी मार्च शुरू किया था, जो अब धीरे-धीरे लाहौर से इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है। उनका दावा है कि वह पिछले छह महीनों से देश में एक क्रांति की शुरुआत होती देख रहे हैं।
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