इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बम धमाके थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में विस्फोट में दो सुरक्षा अधिकारी मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। इस बीच सरकार ने सभी अवैध विदेशियों को उनके देश वापस भेजने की योजना का ऐलान किया है। इसके तहत अफगान नागरिकता कार्ड (एसीसी) धारकों को 31 मार्च के पहले स्वेच्छा से पाकिस्तान छोड़कर जाने को कहा गया है। एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई।
मीडिया में शुक्रवार रात कथित रूप से लीक हुए इस दस्तावेज में संकेत दिया गया है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रह रहे एसीसी धारकों को अफगानिस्तान वापस भेजा जाएगा। यह अफगान प्रवासियों के लिए बहु-चरणीय पुनर्वास योजना का हिस्सा होगा। आतंकवाद के मुद्दे पर इस्लामाबाद और काबुल के बीच बिगड़ते संबंधों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है और इसका असर उन आठ लाख से अधिक अफगान शरणार्थियों पर पड़ सकता है, जिनके पास एसीसी होने से वे दस्तावेज वाले शरणार्थियों की श्रेणी में शामिल हैं। जबकि सैकड़ों और हजारों लोग बिना दस्तावेज के यहां शरण लिए हुए हैं। इसमें कहा गया है कि अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन कार्यक्रम (आईएफआरपी) को एक नवंबर 2023 से लागू किया गया है।
खैबर पख्तूनख्वा में किसने किया विस्फोट
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में विस्फोट में दो सुरक्षा अधिकारी मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा के बजौर जिले में स्थित सलारजई के मुल्ला सैद इलाके में शुक्रवार को सुरक्षा बलों का वाहन सड़क किनारे रखे विस्फोटक की चपेट में आ गया। विस्फोट के बाद घटनास्थल पर पहुंचे सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और दोषियों को पकड़ने के लिए सघन तलाश अभियान प्रारंभ किया। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। (भाषा)