लाहौर/पेशावर: पाकिस्तान के कई इलाकों में प्री-मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पिछले 3 दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 34 लोग मारे गए हैं, जिनमें 16 बच्चे शामिल हैं, जबकि 46 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले 48 घंटों में 19 लोगों की जान गई और 6 अन्य घायल हुए। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के मुताबिक, स्वात, अबोटाबाद, चरसड्डा, मलकंद, शांगला, लोअर डीर और तोरघर जिलों में 6 पुरुष, 5 महिलाएं और 8 बच्चे इस आपदा का शिकार बने। स्वात जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां 13 लोगों की मौत हुई और 6 घायल हुए।
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स्वात नदी में बहे एक ही परिवार के 17 लोग
स्वात नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से सियालकोट के एक परिवार के 17 लोग, जो पिकनिक के लिए गए थे, बह गए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, बचाव प्रयासों के बावजूद कई लोग तेज धारा में बह गए। इसके अलावा, प्रांत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पंजाब प्रांत में भी बारिश ने कहर बरपाया। PDMA के अनुसार, पिछले 3 दिनों में 15 लोग, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं, मारे गए और 40 अन्य घायल हुए। लाहौर, ओकारा, बहावलनगर, झेलम, गुजरात, फैसलाबाद, मंडी बहाउद्दीन, साहिवाल, चिन्योट, मुल्तान, शेखूपुरा और ननकाना जिलों में ज्यादातर मौतें दीवार और छत गिरने की घटनाओं में हुईं।

कराची में बारिश ने दी लोगों को राहत
PDMA ने बताया कि प्री-मानसून की पहली बारिश का दौर 1 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में गैर-जरूरी यात्रा से बचें। साथ ही, जर्जर मकानों में न रहें, बच्चों को नालियों, बिजली के तारों और खंभों से दूर रखें और बाढ़ग्रस्त इलाकों में सावधानी बरतें। PDMA ने जिला प्रशासनों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत प्रदान की जाए और घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा दी जाए। दूसरी ओर, कराची और आसपास के इलाकों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसने लंबे समय से गर्मी की मार झेल रहे लोगों को राहत दी। (पीटीआई)