मॉस्को: रूस ने रविवार को एक बार फिर कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परमाणु परीक्षण का आदेश नहीं दिया है और मॉस्को सामूहिक विनाश के हथियारों के परीक्षण पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। रूस की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर 29 अक्टूबर को एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने “युद्ध विभाग को अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है।”
हम कोई परमाणु परीक्षण नहीं करने जा रहे
क्रेमलिन (रूस का राष्ट्रपति कार्यालय) के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने ‘रशियन टीवी’ से बातचीत में कहा, “पुतिन ने बार-बार कहा है कि रूस परमाणु परीक्षण पर प्रतिबंध के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है और हम कोई परमाणु परीक्षण नहीं करने जा रहे हैं, लेकिन अगर कोई अन्य देश ऐसा करता है, तो हमें संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसा करना होगा।”
अमेरिका अगर ऐसा करता है तो जवाबी कदम उठाना होगा
उन्होंने कहा, “हालांकि, अगर वाशिंगटन वास्तव में परमाणु हथियार का परीक्षण करता है, तो रूस को भी जवाबी कदम उठाना होगा। परमाणु समता निश्चित रूप से सबसे महत्वपूर्ण घटक है, संभवत: मौजूदा समय में संपूर्ण वैश्विक सुरक्षा ढांचे के लिए।”
ट्रंप ने क्या दावा किया था?
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि रूस (और चीन) गुप्त रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं, जिसके जवाब में अमेरिका को भी अपनी परमाणु परीक्षण नीति में बदलाव करना चाहिए। यह दावा अक्टूबर 2025 में रूस द्वारा किए गए कुछ हथियार परीक्षणों के बाद सामने आया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का दावा गलत है।
30 अक्टूबर 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया (ट्रूथ सोशल) पर पोस्ट किया कि अमेरिका के पास दुनिया में सबसे अधिक परमाणु हथियार हैं, लेकिन रूस और चीन "समान आधार पर" परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया कि अमेरिका भी "तुरंत" परमाणु हथियार परीक्षण शुरू करे। 3 नवंबर 2025 को CBS इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "रूस परीक्षण कर रहा है, चीन परीक्षण कर रहा है.वे इसके बारे में बात नहीं करते।" उन्होंने दावा किया कि वैश्विक निगरानी प्रणाली इन परीक्षणों का पता नहीं लगा पाई।
इनपुट-भाषा