1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. Syria Crisis: राष्ट्रपति असद सीरिया से भागकर रूस पहुंचे, परिवार भी मॉस्को में; पुतिन ने दी राजनीतिक शरण

Syria Crisis: राष्ट्रपति असद सीरिया से भागकर रूस पहुंचे, परिवार भी मॉस्को में; पुतिन ने दी राजनीतिक शरण

 Published : Dec 09, 2024 06:36 am IST,  Updated : Dec 09, 2024 06:42 am IST

सीरिया में पिछले 11 दिनों से विद्रोही गुटों और सेना के बीच कब्जे के लिए लड़ाई चल रही थी जहां विद्रोही लड़ाकों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति असद देश छोड़कर रूस भाग गए हैं जिन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राजनीतिक शरण दी है।

सीरिया के अपदस्थ...- India TV Hindi
सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद Image Source : FILE PHOTO

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद का तख्तापलट कर दिया गया है। सीरिया की राजधानी दमिश्क पर विद्रोहियों के कब्जे के साथ ही असद परिवार के 50 साल के शासन का खात्मा हो गया और वो भी महज कुछ ही घंटों में। राष्ट्रपति असद देश छोड़कर रूस भाग गए हैं जिन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राजनीतिक शरण दी है। रूस की समाचार एजेंसियों की खबरों के अनुसार सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद अपने परिवार के साथ मॉस्को पहुंच गए हैं और उन्हें शरण दी गई है। इससे कुछ घंटे पहले ही विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क में घुसकर असद परिवार के 50 साल के शासन का अंत कर दिया था।

रूसी समाचार एजेंसियों, ‘तास’ और ‘आरआईए’ ने राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ एक अज्ञात स्रोत का हवाला देते हुए बताया कि असद और उनके परिवार को मॉस्को में शरण दी गई है। ‘आरआईए’ की खबर में क्रेमलिन के अज्ञात सूत्र का हवाला देते हुए यह भी बताया है कि सीरियाई विद्रोहियों की ओर से रूस को सीरिया में रूसी सैन्य ठिकानों और राजनयिक कार्यालयों की सुरक्षा की गारंटी मिली है। हालांकि खबर में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। असद रविवार तड़के सीरिया से रवाना हुए थे।

विद्रोही लड़ाकों ने राजधानी दमिश्क पर किया कब्जा

सीरिया में पिछले 11 दिनों से विद्रोही गुटों और सेना के बीच कब्जे के लिए लड़ाई चल रही थी जहां विद्रोही लड़ाकों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया जिसके बाद सभी सड़कों पर गोलीबारी कर जीत का जश्न मनाते नजर आए। दमिश्क में चौराहों पर जश्न मनाती हुई भीड़ इकट्ठा हुई और सीरियाई क्रांतिकारी ध्वज लहराया जिससे ‘अरब स्प्रिंग’ विद्रोह के शुरुआती दिनों की याद ताजा हो गई। असद और अन्य शीर्ष अधिकारियों की कोई खबर न होने के बाद अनेक लोगों ने राष्ट्रपति भवन और असद परिवार के आवास में तोड़फोड़ की।

MEA ने जारी की एडवाइजरी

दूसरी ओर सीरिया में जारी बवाल के बीच भारत ने अपने नागरिकों को वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही सीरिया में रह रहे नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है।

2000 में सत्ता पर आसीन हुए थे असद

असद 2000 में सत्ता पर आसीन हुए थे। उनके पिता बशर के सबसे बड़े भाई बासिल अल असद को अपना उत्तराधिकारी बनाने की कोशिश में थे, लेकिन 1994 में दमिश्क में एक कार दुर्घटना में बासिल की मौत हो गई। बशर-अल- असद पर गृहयुद्ध के दौरान युद्ध अपराध और मानवता के विरुद्ध अपराध का आरोप लगाया गया है, जिसमें 2013 में राजधानी के बाहरी इलाके में रासायनिक हथियारों से हमला भी शामिल है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उन्हें ‘‘सीरियाई लोगों के लिए खेद है।’’ रूस असद का मुख्य समर्थक है।

27 नवंबर को हुई थी हमले की शुरुआत

सीरिया में विद्रोहियों के अप्रत्याशित हमले की शुरुआत 27 नवंबर को हुई थी जब बंदूकधारियों ने सीरिया के सबसे बड़े उत्तरी शहर अलेप्पो और देश के चौथे सबसे बड़े शहर हमा पर कब्जा कर लिया था। असद की सरकार के रविवार को गिरने के साथ ही सत्ता पर काबिज रहने के उनके लगभग 14 साल के संघर्ष का नाटकीय अंत हो गया। सीरियाई गृहयुद्ध में लगभग पांच लाख लोग मारे गए हैं और देश की आधी आबादी विस्थापित हो गई है। जैसे-जैसे विद्रोह गृहयुद्ध में तब्दील होता गया, लाखों सीरियाई लोग सीमा पार करके जॉर्डन, तुर्किये, इराक और लेबनान और यूरोप की ओर भाग गए।

यह भी पढ़ें-

सीरिया में जारी संघर्ष को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया रुख, बोले 'यह हमारी लड़ाई नहीं'

सीरिया में असद परिवार के शासन का हुआ अंत, लोगों ने सड़कों पर उतरकर मनाया जश्न

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश