1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. चीन के सामने दबने से इस छोटे से देश ने किया इनकार, ताइवान में अपना पहला दूत नियुक्त किया

चीन के सामने दबने से इस छोटे से देश ने किया इनकार, ताइवान में अपना पहला दूत नियुक्त किया

 Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Aug 18, 2022 09:49 pm IST,  Updated : Aug 18, 2022 09:49 pm IST

चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और वह ताइवान के साथ किसी भी खुले राजनयिक संबंधों का विरोध करता है। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से चीन बुरी तरह बौखलाया हुआ है। इस बौखलाहट में कभी वह अमेरिका को धमकियां दे रहा है तो कभी ताइवान पर अपना जोर दिखाने की कोशिश कर रहा

Xi-Zinping- India TV Hindi
Xi-Zinping Image Source : ANI

Lithuania Appointed His Representative in Taiwan: चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और वह ताइवान के साथ किसी भी खुले राजनयिक संबंधों का विरोध करता है। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से चीन बुरी तरह बौखलाया हुआ है। इस बौखलाहट में कभी वह अमेरिका को धमकियां दे रहा है तो कभी ताइवान पर अपना जोर दिखाने की कोशिश कर रहा है।

यूरोप के एक छोटे से देश लिथुआनिया ने एक चीन' नीति को चुनौती देते हुए गुरुवार को ताइवान के लिए अपना पहला प्रतिनिधि नियुक्त किया। चीन स्व-शासित द्वीप ताइवान को अपना क्षेत्र बताता रहा है। लिथुआनियाई प्रधान मंत्री इंग्रिडा सिमोनीटे के सलाहकार पॉलियस लुकौस्कस को ताइवान के लिए देश का पहला प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। ताइवान के अर्थव्यवस्था एवं नवाचार मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। उनके कामकाज शुरू करने के लिए अगले महीने ताइपे पहुंचने की उम्मीद है। चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और वह ताइवान के साथ किसी भी खुले राजनयिक संबंधों का विरोध करता है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट समाचार पत्र के अनुसार ताइवान ने कहा है कि वह ताइपे में नवनियुक्त लिथुआनियाई दूत के साथ मिलकर काम करेगा।

उधर ताइवान भी जमकर कर रहा है सैन्य अभ्यास 

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद से चीन बुरी तरह बौखलाया हुआ है। इस बौखलाहट में कभी वह अमेरिका को धमकियां दे रहा है तो कभी ताइवान पर अपना जोर दिखाने की कोशिश कर रहा है। ड्रैगन के साथ तनाव के बीच ताइवान अपनी क्षमता दिखाने के लिए सैन्य अभ्यास कर रहा है। ताइवान हाल के दिनों में चीन की तरफ से बनाए जा रहे दबाव का विरोध करने के लिए अपनी क्षमता को सैन्य अभ्यास के जरिये प्रदर्शित कर रहा है।

चीन की सेना के जहाजों और लड़ाकू विमानों द्वारा ताइवान के समुद्री और हवाई क्षेत्र में मिसाइलें दागने के कुछ दिनों के बाद दक्षिणपूर्वी काउंटी हुआलीन में बुधवार को ताइवानी सेना ने सैन्य अभ्यास किया। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुन ली-फेंग ने हुआलीन एयरपोर्ट पर कहा, ‘हम ताइवान के समुद्री और हवाई क्षेत्रों के आसपास कम्युनिस्ट चीन के लगातार सैन्य उकसावे की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं जो क्षेत्रीय शांति को प्रभावित करता है। कम्युनिस्ट चीन के सैन्य अभियान हमें युद्ध के लिए तैयारी के प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश