दुबई: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अमेरिका और उसके सहयोगियों की होर्मुज स्ट्रेट को जबरदस्ती खोलने में मदद करने की तैयारी कर रहा है। अरब अधिकारियों के हवाले से वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यह रिपोर्ट दी है। इस कदम से संयुक्त अरब अमीरात फारसी खाड़ी का पहला ऐसा देश बन जाएगा जो ईरानी हमलों का शिकार होने के बाद सीधे तौर पर जंग में शामिल होगा।
होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए बने गठबंधन
रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव के लिए लॉबिंग कर रहा है, जो इस तरह की कार्रवाई को मंजूरी देगा। अधिकारियों ने बताया कि UAE के राजनयिकों ने अमेरिका और यूरोप समेत एशिया की सैन्य ताकतों से भी आग्रह किया है कि वो होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए एक गठबंधन बनाएं। UAE के अधिकारियों का मानना है कि ईरान जंग में वैश्विक अर्थव्यवस्था को बाधित करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट में बाधा उत्पन्न कर रहा है।
सहयोगियों पर बरसे ट्रंप
संयुक्त अरब अमीरात का यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगियों को आड़े हाथों लिया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के दौरान अमेरिका के समर्थन में आगे ना आने के लिए सहयोगी देशों को जमकर कोसा है। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो देश होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं, उन्हें इसे खुला रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, "जाओ अपना तेल खुद हासिल करो यह अमेरिका का काम नहीं है।''
होर्मुज स्ट्रेट के बारे में जानें
होर्मुज स्ट्रेट एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है। यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसे दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट या रास्तों में से एक है। इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 से 35 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ 2 मील तक चौड़ा है। यहां समुद्री ट्रैफिक में थोड़ी सी गड़बड़ी पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द है। सऊदी अरब, यूएई, कुवैत इराक और कतर जैसे देशों का कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में सप्लाई किया जाता है।
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