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तीन वैज्ञानिकों जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को दिया जाएगा भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 08, 2019 04:26 pm IST,  Updated : Oct 08, 2019 04:26 pm IST

कनाडाई मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स, स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को ब्रह्मांड का विकास और ‘‘कॉस्मॉस में पृथ्वी के स्थान’’ को समझने में उनके योगदान के लिए भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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Nobel Prize in Physics awarded to 3. Check names and their discoveries

कनाडाई मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स, स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को ब्रह्मांड का विकास और ‘‘कॉस्मॉस में पृथ्वी के स्थान’’ को समझने में उनके योगदान के लिए भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार का आधा हिस्सा भौतिक ब्रह्माण्ड विज्ञान में सैद्धांतिक खोजों के लिए जेम्स पीबल्स को और दूसरा आधा हिस्सा सूरज की तरह के तारे की परिक्रमा करने वाले ‘एक्सोप्लैनेट’ की खोज के लिए मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को साझा रूप से दिया जाएगा। ‘एक्सोप्लैनेट’ सौर मंडल के बाहर के तारे की परिक्रमा करने वाले ग्रह को कहा जाता है। इन तीनों को साझा 90 लाख क्रोना (स्वीडन की मुद्रा) नगद, एक स्वर्ण पदक और एक डिप्लोमा दिया जाएगा। स्टॉकहोम में 10 दिसम्बर को एक कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा मानव शरीर में कोशिकाएं ऑक्सीजन की उपलब्धता का आभास कैसे करती हैं और कैसे खुद को उसके अनुकूल बनाती हैं, इस विषय पर अनुसंधान के लिए अमेरिकी वैज्ञानिकों विलियम कैलिन तथा ग्रेग सेमेंजा और ब्रिटेन के पीटर रैटक्लिफ को चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। 

निर्णायक मंडल ने सोमवार को तीनों वैज्ञानिकों के नाम की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने इस संबंध में हमारी समझ को आधार प्रदान किया कि ऑक्सीजन का स्तर कोशिकीय चयापचय (सेलुलर मेटाबोलिज्म) और शारीरिक क्रियाकलापों को किस तरह प्रभावित करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके अनुसंधान से एनीमिया, कैंसर और अन्य कई बीमारियों से लड़ने की भरोसा पैदा करने वाली नयी रणनीतियों का रास्ता साफ हो गया है।’’ ज्यूरी के अनुसार तीनों वैज्ञानिकों ने उस आणविक तंत्र की पहचान की जो ऑक्सीजन के विविध स्तरों के चलते जीन्स की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। इससे कई बीमारियां जुड़ी होती हैं। 

निर्णायक मंडल ने कहा, ‘‘अकादमिक प्रयोगशालाओं और फार्मास्युटिकल्स कंपनियों में इस तरह की दवाएं बनाने के गहन प्रयास चल रहे हैं जो ऑक्सीजन संवेदी तंत्र को सक्रिय कर या अवरुद्ध कर विभिन्न रोगों की अवस्थाओं में कारगर हो सकती हैं।’’ कैलिन अमेरिका के हॉवर्ड ह्यूजिस मेडिकल इंस्टिट्यूट में काम करते हैं, वहीं सेमेंजा, जॉन हापकिन्स इंस्टिट्यूट फॉर सेल इंजीनियरिंग में वस्क्युलर रिसर्च प्रोग्राम के निदेशक हैं। रैटक्लिफ लंदन स्थित फ्रांसिस क्रिक इंस्टिट्यूट में क्लिनिकल अनुसंधान के निदेशक और ऑक्सफोर्ड में टार्गेट डिस्कवरी इंस्टिट्यूट के निदेशक हैं। 

तीनों के बीच नोबेल पुरस्कार की 90 लाख स्वीडिश क्रोनोर (करीब 9,14,000 अमेरिकी डॉलर) की राशि साझा होगी। वे 10 दिसंबर को स्टाकहोम में एक औपचारिक समारोह में किंग कार्ल 16वें गुस्ताफ से पुरस्कार प्राप्त करेंगे। पिछले साल यह पुरस्कार अमेरिका के प्रतिरक्षा विज्ञानी जेम्स एलिसन और जापान के तासुकू होंजो को प्रदान किया गया था। इस साल के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेताओं की घोषणा मंगलवार को और रसायनशास्त्र के विजेताओं की घोषणा बुधवार को की जाएगी। साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेताओं का नाम बृहस्पतिवार को सामने आएगा। शांति के नोबेल पुरस्कार के विजेता का नाम शुक्रवार को घोषित किया जाएगा। आगामी सोमवार, 14 अक्टूबर को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के विजेता का नाम घोषित किया जाएगा।

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