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ब्रिटेन में जाकिर नाइक के पीस टीवी पर ‘नफरत फैलाने वाले भाषण’ देने पर 3 लाख पाउंड का जुर्माना

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 17, 2020 12:37 pm IST,  Updated : May 17, 2020 12:37 pm IST

ब्रिटेन में मीडिया पर निगरानी रखने वाले नियामक ‘ऑफकॉम’ ने विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक के पीस टीवी नेटवर्क पर जुर्माना लगाया है।

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UK media watchdog fines Zakir Naik’s Peace TV for 'hate speech, highly offensive' content. Image Source : AP FILE

लंदन: ब्रिटेन में मीडिया पर निगरानी रखने वाले नियामक ‘ऑफकॉम’ ने विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक के पीस टीवी नेटवर्क पर जुर्माना लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में ‘नफरत फैलाने वाले भाषण’ और ‘अत्यधिक आपत्तिजनक’ विषयवस्तु प्रसारित करने के मामले में पीस टीवी पर तीन लाख पाउंड का जुर्माना ठोंका गया है। संचार सेवाओं के लिए ब्रिटेन के नियामक ने प्रसारण संबंधी उसके नियम तोड़ने पर पीस टीवी उर्दू के लाइसेंस धारकों पर 2 लाख पाउंड और पीस टीवी पर एक लाख पाउंड का जुर्माना लगाया है।

नियामक ने कहा, ‘हमारी जांच में यह पाया गया है कि पीस टीवी उर्दू और पीस टीवी पर प्रसारित कार्यक्रमों में नफरत फैलाने वाले भाषण और अत्यधिक आपत्तिजनक विषयवस्तु दिखाई गई है। इससे अपराध भड़कने की भी आशंका थी।’ ऑफकॉम ने एक बयान में कहा, ‘हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि यह सामग्री प्रसारण संबंधी हमारे नियमों का पालन करने में गंभीर असफलताओं को दर्शाती है और इसके लिए जुर्माना लगाए जाने की आवश्यकता है। ऑफकॉम ने प्रसारण संबंधी हमारे नियम तोड़ने पर पीस टीवी उर्दू के पूर्व लाइसेंस धारकों पर दो लाख पाउंड और पीस टीवी पर एक लाख पाउंड का आज जुर्माना लगाया है।’

पीस टीवी पर ‘लॉर्ड प्रोडक्शन लिमिटेड’ का मालिकाना हक है और पीस टीवी उर्दू का लाइसेंस ‘क्लब टीवी’ के पास है। दोनों की मूल कंपनी ‘यूनिवर्सल ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड’ है जिसका मालिक नाइक (54) है। विवादित इस्लामिक प्रचारक नाइक घृणा फैलाने वाले भाषणों से कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भारत में वॉन्टेड है। वह 2016 में भारत से मलेशिया चला गया था, जहां उसे स्थाई निवास की अनुमति मिल गई थी। भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए पिछले सप्ताह मलेशिया सरकार से औपचारिक रूप से अनुरोध किया था। उसके ‘आपत्तिजनक व्यवहार’ के कारण 2010 में ब्रिटेन में उसके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

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