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अगले महीने रूस पर भारी पड़ सकता है यूक्रेन, अमेरिका ने जानें क्यों किया ये दावा

 Published : Dec 04, 2022 08:15 pm IST,  Updated : Dec 05, 2022 04:09 pm IST

US on Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के 10 वें महीने की शुरुआत हो चुकी है, मगर अभी यह किसी निर्णायक स्थिति में नहीं पहुंचा है। उधर शुरू में यूक्रेन पर हावी हुई रूसी सेना को लगातार पीछे हटना पड़ रहा है।

यूक्रेन की सर्दी (प्रतीकात्मक फोटो)- India TV Hindi
यूक्रेन की सर्दी (प्रतीकात्मक फोटो) Image Source : AP

US on Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के 10 वें महीने की शुरुआत हो चुकी है, मगर अभी यह किसी निर्णायक स्थिति में नहीं पहुंचा है। उधर शुरू में यूक्रेन पर हावी हुई रूसी सेना को लगातार पीछे हटना पड़ रहा है। रूस ने यूक्रेन के जिन चार अहम राज्यों जापोरिज्जिया, खेरसोन, दोनेत्स्क और लुहांस्क को रेफ्रेंडम के बाद अपने में मिला लिया था, उनमें से भी कई जगहों पर रूस को मात खाना पड़ा है। इसी बीच अब अमेरिका ने यह दावा करके सनसनी फैला दी है कि यूक्रेन अगले महीने में रूस पर भारी हो सकता है। आखिर क्या वजह है कि अगले महीने अमेरिका को यूक्रेन के लिए बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं। आइए इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख एवरिल हैन्स का कहना है कि यूक्रेन में रूस के खिलाफ युद्ध धीमी गति से जारी है। उन्होंने कहा कि आगामी महीनों में यूक्रेनी सेना के लिए बेहतर संभावनाएं हो सकती हैं। हैन्स ने कुछ लोगों द्वारा पूर्व में दी गई उन सूचनाओं की ओर इशारा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकार उन्हें युद्ध के घटनाक्रम से जुड़ी बुरी खबरों से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह ‘‘रूस में सेना के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।’’ अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक ने शनिवार देर रात कैलिफोर्निया के सिमी वैली में ‘रीगन नेशनल डिफेंस फोरम’ में कहा, ‘‘लेकिन यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उनके पास इसकी पूरी जानकारी है, या नहीं।’’ हैन्स ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहा जाए तो हम देख रहे हैं कि यूक्रेन में रूस के खिलाफ युद्ध धीमी गति से जारी है। आगामी महीनों में यूक्रेनी सेना के लिए बेहतर संभावनाएं हो सकती हैं।’’ हाल के सप्ताहों में, रूस का ध्यान यूक्रेनी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने और पूर्वी हिस्से में बखमुत शहर के पास दबाव बनाने पर रहा है, जबकि खेरसॉन शहर में गोलाबारी की घटनाएं हो रही है।

आखिर क्यों अगले महीने रूस पर भारी पड़ सकता है यूक्रेन

अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूक्रेन भी महीनों से यह दावा करता रहा है कि सर्दी में वह यूक्रेन पर भारी पड़ेगा। इसकी वजह है कि सर्दी झेल पाने के लिए रूस के पास शेल्टर नहीं होंगे। जबकि यूक्रेनी सेना इसका इंतजाम आसानी से अपना देश होने के चलते कर सकेगी। भीषण बर्फबारी और सर्दी में रूसी सैनिक इलाके भी भटक सकते हैं, लेकिन यूक्रेनी सैनिकों को अपना देश होने का फायदा मिलेगा और उन्हें रास्तों की पूरी जानकारी होने के चलते युद्ध लड़ना काफी आसान होगा। सर्दी में ठंड से बचने का इंतजाम कर पाना रूसी सेना के लिए बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में अमेरिका का यह दावा सच साबित हो सकता है कि रूस को सर्दी में यूक्रेन से निपटना आसान नहीं होगा। अब राष्ट्रपति पुतिन के सामने बड़ी चुनौती है कि वह भीषण सर्दी में यूक्रेन से कैसे निपटेंगे?

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