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'भारत में निवेश करें, और अभी निवेश करें', यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में बोले प्रधानमंत्री मोदी

 Published : May 18, 2026 06:55 am IST,  Updated : May 18, 2026 07:26 am IST

पीएम मोदी ने स्वीडन के गुटेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को संबोधित किया है। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि हम अपने देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

pm modi in sweden European Round Table for Industry- India TV Hindi
यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में पीएम मोदी। Image Source : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों की विदेश यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के तीसरे चरण में पीएम मोदी स्वीडन पहुंचे जहां दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया है। पीएम मोदी ने रविवार को स्वीडन के गोटेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित किया है। यहां पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था और विकास के बारे में चर्चा की और वहां मौजूद सदस्यों से अपील की कि भारत में निवेश करें, और अभी निवेश करें।

पीएम मोदी ने की एक्शन की मांग

पीएम मोदी ने गुटेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन के मंच पर यूरोप के कुछ सबसे प्रभावशाली बोर्डरूमों को एक साथ संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान एक्शन की डिमांड की और कहा कि भारत में निवेश करें, और अभी निवेश करें। पीएम मोदी ने इस दौरान भारत-यूरोप औद्योगिक सहयोग को और बढ़ाने के लिए एक स्ट्रक्चरल प्रपोजल के सेट सामने रखा और कार्यक्रम में मौजूद हर कंपनी को अगले 5 साल के भीतर भारत के प्रति एक विशिष्ट, नई प्रतिबद्धता बनाने की चुनौती दी।

  • भारत में पहले से मौजूद कंपनियों का समर्थन करने और नई एंट्रियों को प्रवेशकों को सुविधा प्रदान करने के लिए एक ERT इंडिया डेस्क/इंडिया एक्शन ग्रुप।
  • वार्षिक भारत-यूरोप सीईओ गोलमेज सम्मेलन का आयोजन जिससे  दोनों पक्षों के उद्योग निकायों को एक साथ लाया जा सके।
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने के लिए Sector-specific वर्किंग ग्रुप्स।
  • समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख परियोजनाओं की सरकार समर्थित संस्थागत समीक्षा भी।

पीएम मोदी ने आगे कहा- "क्या यहां की हर कंपनी भारत के लिए एक नई, साहसिक प्रतिबद्धता जता सकती है? क्या हम ऐसी प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर सकते हैं जो अगले पांच वर्षों में शुरू होंगी? भारत सरकार उनमें से हर एक का समर्थन करेगी।"

'भारत और यूरोप के संबंध नए टर्निंग प्वाइंट पर'

पीएम मोदी ने कहा- आज भारत और यूरोप के संबंध एक नए टर्निंग प्वाइंट पर है। सरकारों के स्तर पर हमने महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा तय किया है। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता पर हमारी सहमति बनी है। सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के  रूप में भारत आज एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का देश है। हमारी युवा आबादी, बढ़ता मध्यम वर्ग और बुनियादी ढांचे का विस्तार भारत की  ग्रोथ को नई गति दे रहे हैं। पिछले 12 वर्षों में भारत reform, perform और transform के मूलमंत्र पर चला है। और सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति से यह रिफॉर्म एक्सप्रेस फुल स्पीड पर आगे बढ़ रही है।

'भारत में 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति'

आज भारत में टैलेंट है, स्केल है, डिमांड है, स्टैबिलिटी है। और सबसे बड़ी बात, भारत में 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति है। इसलिए अब समय है कि हम intent से investment की ओर बढ़ें। भारत और यूरोप की पार्टनरशिप केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह साझा मूल्यों की पार्टनरशिप है। यह लोकतंत्र और विविधता की पार्टनरशिप है। यह ट्रस्ट और ट्रांस्पिरेंसी की पार्टनरशिप है। यह innovation और inclusion की पार्टनरशिप है।

'भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। हमारे स्टार्टअप एआई, फिनटेक, अंतरिक्ष, ड्रोन और मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक समाधान तैयार कर रहे हैं। आज की अनिश्चितता से भरी दुनिया में, जहां सप्लाई चेन दवाब में हैं, तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन दोनों चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में भारत और यूरोप मिलकर स्थिरता, सतत विकास और साझा समृद्धि के मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।"

बैठक में कौन-कौन मौजूद थे?

  • गुटेनबर्ग में आयोजित ERT सेशन में यूरोपीय उद्योग जगत के कई बड़े प्रतिनिधियों का जमावड़ा हुआ। यहां मौजूद कंपनियों में शामिल थीं-:
  • टेलीकॉम और डिजिटल: वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया, ऑरेंज
  • टेक्नॉलॉजी और सेमीकंडक्टर: ASML, NXP, SAP, कैपजेमिनी
  • ऊर्जा और क्लीन टेक: ENGIE, टोटलएनर्जीज, शेल, उमिकोर
  • इंफ्रास्ट्रक्टचर, मोबिलिटी और मैन्यूफैक्चरिंग: वोल्वो ग्रुप, माएर्स्क, एयरबस, साब, आर्सेलरमित्तल, हीडलबर्ग
  • स्वास्थ्य सेवा और लाइफ साइंस: एस्ट्राजेनेका, रोश, मर्क, फिलिप्स, नेस्ले, यूनिलीवर

साझेदारी के लिए 5 सेक्टरों की पहचान

पीएम मोदी ने सम्मेलन के दौरान जिन पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की साझेदारी के लिए पहचान की, वे हैं-:

  • टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्टचर - 5G से 6G में परिवर्तन, AI-सक्षम नेटवर्क, डिजिटल समावेशन
  • AI, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक मैन्यूफैक्चरिंग - भारत को वैश्विक स्तर पर एक संपूर्ण तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करना
  • हरित परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा - हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा भंडारण, कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • इंफ्रास्ट्रक्टचर, मोबिलिटी और शहरी परिवर्तन - एयरोस्पेस, ग्रीन स्टील, लॉजिस्टिक्स, रक्षा
  • हेल्थ केयर और लाइफ साइंस- टीके, कैंसर देखभाल, डिजिटल स्वास्थ्य, चिकित्सा उपकरण

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