न्यूयॉर्क। अमेरिका में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 4000 से अधिक हो गई है। यह संख्या 9/11 आतंकी हमले में मारे गए लोगों से कही ज्यादा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस महामारी से 1 से 2 लाख अमेरकियों की मौत हो सकती है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी कोरोनावायरस रिसोर्स सेंटर के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस से 4000 से अधिक मौत हो चुकी हैं और 190,000 लोग संक्रमित हैं। 9/11 आतंकी हमले में लगभग 3000 लोगों की मौत हुई थी। अल-कायदा ने अमेरिका में 2001 में हवाई जहाज से आतंकी हमले को अंजाम दिया था।
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अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या चीन से भी अधिक है। कोरोना वायरस का जनक माने जा रहे चीन में इस बीमारी से 3310 लोगों की जान गई है। पूरी दुनिया में इस महामारी से 42,000 से अधिक लोग मर चुके हैं।
न्यूयॉर्क शहर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 1000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। अमेरिका में न्यूयॉर्क कोरोना का केंद्र बन गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले 41,771 हैं और यहां 31 मार्च तक 1096 लोगों की मौत हो चुकी है। 8400 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिसमें से 1888 लोग आईसीयू में हैं।
रोकथाम के लिए अमेरिका ने उठाए कड़े कदम
अमेरिका में कोरोना वायरस से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने समेत आवागमन पर रोक तक शामिल है, ताकि तेजी से देश में पांव पसार रहे कोरोना वायरस को रोका जा सके। मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सामुदायिक दूरी के कदमों को अगले 30 दिन के लिए 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
अमेरिका के शीर्ष वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं के प्रयासों के बावजूद भी अब तक इस खतरनाक वायरस का टीका नहीं बन पाया है। इस तरह के टीके बनने में वर्षों लग जाते हैं लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस प्रक्रिया को तेज कर रखा है लेकिन अभी भी इसमें महीनों का समय लग सकता है। व्हाइट हाउस के संवादताता सम्मेलन में मंगलवार को राष्ट्रीय एलर्जी एवं संक्रामक बीमारी संस्थान के निदेशक और कोरोना वायरस से निपटने के लिए व्हाइट हाउस कार्य बल के एक सदस्य एंथनी फौसी ने बताया कि उन्हें विश्वास है कि इन कदमों से नए मामलों में कमी आएगी।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगले 30 दिन में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में ये कदम आवश्यक हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अगर 30 अप्रैल तक चीजें नियंत्रण में नहीं आईं तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।