1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. पाकिस्तान के झूठ पर यूएन में कोई विश्वास नहीं करने वाला: भारत

पाकिस्तान के झूठ पर यूएन में कोई विश्वास नहीं करने वाला: भारत

 Reported By: IANS
 Published : Jan 11, 2020 10:28 am IST,  Updated : Jan 11, 2020 10:28 am IST

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने गुरुवार को पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए जम्मू एवं कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को लेकर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई।

पाकिस्तान के झूठ पर यूएन में कोई विश्वास नहीं करने वाला: भारत - India TV Hindi
पाकिस्तान के झूठ पर यूएन में कोई विश्वास नहीं करने वाला: भारत 

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने गुरुवार को पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए जम्मू एवं कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को लेकर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल झूठ का पर्याय है और भारत के खिलाफ आपके दुष्प्रचार और झूठ को यहां कोई मानने वाला नहीं है। यूएन की सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मेरा बहुत सरल-सा जवाब है कि पड़ोसी को अपनी गड़बड़ियों का इलाज खुद ही करना चाहिए। हालांकि, इसमें विलंब हो गया है। यहां कोई आपकी बात सुनने वाला नहीं है।"

Related Stories

बता दें कि इससे पहले भी सैयद अकबरुद्दीन पाकिस्तान को आईना दिखाते रहे हैं।

इससे पहले पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने दावा किया कि कश्मीर के 80 लाख लोग कर्फ्यू में हैं और वहां संचार का कोई साधन नहीं है।

इस पर उन्होंने कहा कि कश्मीर में कोई कर्फ्यू या संचार पर प्रतिबंध नहीं है। भारत इसे दुनिया के लिए खोल रहा है। केंद्रशासित प्रदेश की स्थितियों को देखने के लिए 17 देशों के राजनयिकों के एक समूह ने गुरुवार को कश्मीर का दो दिवसीय दौरा शुरू किया। समूह में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर भी शामिल हैं।

पाकिस्तान पर सख्त लहजे में हमला करने के अलावा सैयद अकबरुद्दीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूएन चार्टर को लेकर हो रही खुली चर्चा के दौरा मांग की कि सुरक्षा परिषद में बदलाव लाया जाए।

अकबरुद्दीन ने कहा, "यह तेजी से स्वीकार किया जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज पहचान, वैधता, प्रासंगिकता और प्रदर्शन को लेकर संकट का सामना कर रही है। आतंकी नेटवर्क का वैश्वीकरण, नई तकनीकों का शस्त्रीकरण और खतरनाक कूटनीतिक तरीकों का सहारा लेने वालों का मुकाबला करने में असमर्थता परिषद की कमियों को दिखाती है।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश