वॉशिंगटन: अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता पर रोक लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हुए पाकिस्तान को बुरी तरह लताड़ लगाई है। सांसदों ने ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान उन चरमपंथियों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है जो अफगानिस्तान को अस्थिर करना चाहते हैं या भारत पर हमला करना चाहते हैं। सांसदों ने कहा कि आतंक निरोधी सहयोग अमेरिका-पाकिस्तान संबंध का मुख्य आधार है लेकिन इस्लामाबाद अपनी प्रतिबद्धता को पूरा नहीं कर रहा।
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अमेरिका ने इस वर्ष जनवरी में पाकिस्तान द्वारा अपनी जमीन से काम कर रहे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए उसे दी जाने वाली लगभग दो अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता पर रोक लगा दी थी। कांग्रेस सदस्य टेड योहो ने कांग्रेस सुनवाई के दौरान कहा, ‘अब कई वर्षों से, पाकिस्तान के लिए अमेरिकी खर्च घटता गया क्योंकि यह और अधिक स्पष्ट होता जा रहा है कि दोनों देशों की प्राथमिकता एक दिशा में नहीं हैं। बीते 6 महीने में प्रशासन ने इस चलन को तेज गति देने के लिए कदम उठाए हैं।’
उन्होंने कहा,‘यह पहले से लंबित था लेकिन अब अंतत: अमेरिका इस सच्चाई का सामना कर रहा है कि अमेरिका-पाकिस्तान के संबंधों को बदलने की जरूरत है।’ योहो ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका की दक्षिण एशिया में आतंकी गतिविधि को खत्म करने की प्रतिबद्धता को कभी साझा नहीं किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उन चरमपंथियों को नजरअंदाज कर रहा है जो अफगानिस्तान को अस्थिर करना या भारत पर हमला करना चाहते हैं। योहो समेत अन्य सांसदों ने भी पाकिस्तान को जमकर लताड़ा।