Israel US Attack On Iran: वेस्ट एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ईरान अब बातचीत चाहता है, लेकिन उनके लिए बहुत देर हो चुकी है। ट्रंप ने कहा, "उनका एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो चुकी है। वो बात करना चाहते हैं। मैंने कहा, बहुत देर हो चुकी है।"
'वार्ता के तैयार है ईरान'
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन इज्जत के साथ। उन्होंने अमेरिका पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि वार्ता सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए।
ट्रंप ने कांग्रेस को भेजा आधिकारिक पत्र
जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को भेजे एक आधिकारिक पत्र में 28 फरवरी 2026 को ईरान पर किए गए हमलों का बचाव किया। उन्होंने लिखा कि ये हमले अमेरिकी सेना की रक्षा, होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और इजरायल सहित क्षेत्रीय सहयोगियों की सामूहिक आत्मरक्षा के लिए किए गए। ट्रंप ने कहा कि स्ट्राइक्स में बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, समुद्री माइनिंग क्षमता, एयर डिफेंस और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने जोर दिया कि कोई जमीनी सेना नहीं इस्तेमाल की गई और आम नागरिकों की मौत को न्यूनतम रखने की कोशिश की गई।
ईरान में स्कूल पर हुआ अटैक
इस बीच, ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया कि शनिवार को अमेरिकी-इजरायली हमलों में दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक लड़कियों के प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 150 से अधिक स्कूली लड़कियां और स्टाफ मारे गए। हजारों लोग सड़कों पर उतरे और पीड़ितों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। विरोध प्रदर्शन में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए गए। ईरान ने इसे मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वो जानबूझकर स्कूल को निशाना नहीं बनाते और घटना की जांच कर रहे हैं।
अयातुल्ला खामेनेई की हुई मौत
संघर्ष के शुरुआती दिनों में ही ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र भर में अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजरायली संपत्तियों पर हमले किए है। इजरायल ने भी ईरान में एक सीनियर कमांडर को निशाना बनाने का दावा किया है। यह संघर्ष ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, क्षेत्रीय प्रभाव और हाल के विरोध प्रदर्शनों के दमन से जुड़े लंबे तनाव का नतीजा माना जा रहा है।
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