स्टार्के: अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के स्टार्के शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार की शाम को माइकल ली किंग नाम के शख्स को जहरीला इंजेक्शन देकर मौत की नींद सुला दिया गया। उसे 2008 में 21 साल की युवती डेनाइज एम्बर ली के अपहरण, बलात्कार और हत्या के जुर्म में दोषी ठहराया गया था। 54 साल के आरोपी ने महिला के चेहरे पर गोली मारी थी और उसकी लाश को दफना दिया था। बता दें कि यह मामला उस समय पूरी दुनिया में चर्चित हुआ था और इसने अमेरिका में एक कानून के पास होने में अहम भूमिका निभाई।
डेनाइज के साथ क्या हुआ था उस दिन?
जनवरी 2008 में डेनाइज अपने घर के बाहर अपने 2 मासूम बच्चों के साथ थीं। माइकल ली किंग ने इसी दौरान उन्हें किडनैप कर लिया और बच्चों को घर में अकेला छोड़ दिया। किंग ने डेनाइज को अपने घर ले जाकर बंधक बनाया और उनके साथ रेप किया। इसके बाद वह अपने चचेरे भाई के घर फ्लैशलाइट, फावड़ा और गैस कैन लेने गया। इस दौरान डेनाइज कार में बंधी हुई थीं और उन्होंने किसी तरह किंग के मोबाइल फोन से 911 पर कॉल की।
फोन पर उनकी दर्द भरी आवाज रिकॉर्ड हुई, जहां वह रोते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही थीं और अपने पति व बच्चों से मिलने की बात कर रही थीं। बाद में किंग ने डेनाइज को फ्लोरिडा के नॉर्थ पोर्ट के एक सुनसान इलाके में ले जाकर उनके चेहरे पर गोली मार दी और शव को दफना दिया।
हत्या के कुछ ही देर बाद पुलिस ने किंग की 1994 मॉडल की हरी शेवरलेट कैमरो कार को रोका। एक महिला ने ट्रैफिक लाइट पर कार से चीखें सुनकर पुलिस को बच्चे की किडनैपिंग की सूचना दी थी। जांच में किंग के घर और कार से डेनाइज के बाल और अन्य सबूत मिले। इस दिन 911 पर कम से कम 5 कॉल आई थीं जिनमें डेनाइज की खुद की कॉल, उनके पति की कॉल और कुछ गवाहों की कॉल शामिल थी। लेकिन संचार में गड़बड़ी और अन्य समस्याओं के कारण पुलिस समय पर मदद नहीं पहुंचा सकी। इस घटना ने पूरे अमेरिका में 911 सिस्टम की कमजोरियों को सामने ला दिया।

हत्या के कुछ महीनों बाद फ्लोरिडा विधानसभा ने सर्वसम्मति से डेनाइज एम्बर ली एक्ट पास किया। इसके तहत 911 ऑपरेटरों और डिस्पैचरों को बेहतर और ज्यादा लंबी ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई। डेनाइज के पति नाथन ली ने डेनाइज एम्बर ली फाउंडेशन बनाया, जो आज भी अमेरिका भर में 911 सिस्टम में सुधार और जागरूकता फैलाने का काम करता है। 2009 में किंग को फर्स्ट-डिग्री मर्डर, सेक्शुअल बैटरी और किडनैपिंग के आरोप में दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई।
पिछले हफ्ते फ्लोरिडा सुप्रीम कोर्ट ने हत्यारे और बलात्कारी किंग की अपील खारिज कर दी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी सोमवार को उसकी अंतिम अपील बिना किसी टिप्पणी के ठुकरा दी। माइकल ली किंग को इंजेक्शन लगाने के बाद शाम 6:13 बजे मृत घोषित कर गया। प्लोरिडा में इस साल अब तक 4 लौगों को सजा-ए मौत दी जा चुकी है और अभी 2 और लोगों को यह सजा दी जानी है। बता दें कि फ्लोरिडा में मौत की सजा 3 दवाओं के इंजेक्शन से दी जाती है, पहली बेहोशी की, दूसरी मांसपेशियां सुन्न करने वाली और तीसरी दिल की धड़कन रोकने वाली। इस केस में भी मौत की सजा देने के लिए यही तरीका अपनाया गया।
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