वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ब्राजील पर 50 फीसदी आयात कर यानी कि टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उन्होंने इसके पीछे ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे ट्रायल को वजह बताया। ट्रंप ने इस ट्रायल को 'बेवजह परेशान करने की साजिश' करार देते हुए कहा कि यह उनके दोस्त बोल्सोनारो के खिलाफ गलत कार्रवाई है। इससे साफ है कि ट्रंप के टैरिफ फैसले में आर्थिक कारणों से ज्यादा निजी रिश्ते और सियासी मसले हावी हैं।
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'इस साजिश को तुरंत खत्म करना जरूरी'
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को एक खत लिखा। इसमें उन्होंने कहा, 'यह ट्रायल बंद होना चाहिए। यह बेवजह परेशान करने की एक साजिश है जिसे तुरंत खत्म करना जरूरी है।' ट्रंप का मानना है कि बोल्सोनारो के साथ ब्राजील का सुप्रीम कोर्ट गलत बर्ताव कर रहा है। बोल्सोनारो पर 2022 के चुनाव में हार के बाद सत्ता में बने रहने की साजिश रचने का इल्जाम है। ट्रंप खुद भी 2020 के अमेरिकी चुनाव में हार को पलटने की कोशिश के लिए 2023 में आरोपों का सामना कर चुके हैं, जिससे उनकी बोल्सोनारो के प्रति हमदर्दी साफ झलकती है।
ब्राजील ने ट्रंप के फैसले पर जताई हैरानी
ब्राजील के उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन ने ट्रंप के इस फैसले पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, 'टैरिफ लगाने की कोई वजह नहीं है। ट्रंप को गलत जानकारी दी गई है।' अल्कमिन ने बताया कि ब्राजील के मौजूदा राष्ट्रपति लूला खुद लगभग 2 साल जेल में रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा, 'यह मामला हमारी न्याय व्यवस्था का है, इसमें बाहर के दखल की कोई जरूरत नहीं।' बता दें कि ट्रंप ने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोशल मीडिया कंपनियों, खासकर 'X' पर लगाए गए जुर्माने की भी आलोचना की। उन्होंने इसे 'गैरकानूनी सेंसरशिप' करार दिया।
बोल्सोनारो पर क्यों चल रहा है केस?
बोल्सोनारो पर 2022 के चुनाव में हार के बाद सत्ता में बने रहने की साजिश रचने का इल्जाम है। कोर्ट में 26 अन्य आरोपियों की भी सुनवाई होगी और सितंबर तक फैसला आने की उम्मीद है। बोल्सोनारो को पहले ही 2030 तक चुनाव लड़ने से रोक दिया है। ट्रंप ने 1 अगस्त से ब्राजील पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो अप्रैल में उनके 'लिबरेशन डे' ऐलान के 10 फीसदी टैरिफ से काफी ज्यादा है। ब्राजील अमेरिका को तेल, संतरे का रस, कॉफी, लोहा और स्टील जैसे उत्पाद बेचता है। पिछले साल अमेरिका का ब्राजील के साथ 6.8 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस था, यानी अमेरिका ने ब्राजील को ज्यादा सामान बेचा। ऐसे में ट्रंप का यह टैरिफ आर्थिक से ज्यादा सियासी और निजी लगता है।