वाशिंगटन डीसी/न्यूयॉर्क: अमेरिका आगामी 4 जुलाई को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। यह समारोह ऐसे वक्त में होने जा रहा है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के मद्देनज़र अमेरिका के खिलाफ कई कट्टरपंथी ताकतों की बुरी नजर है। ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के ताजा हमलों ने वाशिंगटन को और भी ज्यादा ऐसे तत्वों को टारगेट पर ला दिया है। ऐसे में इन समारोहों से पहले अमेरिका में 'लोन वुल्फ'आतंकी हमले की चेतावनी ने हलचल मचा दी गई है। इसको लेकर स्थानीय और संघीय एजेंसियां संभावित आतंकवादी खतरों से निपटने की तैयारी में जुटी हैं।
अमेरिका पर क्यों है हमले का खतरा
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट माइकल वर्डन ने Fox News को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “ईरान के साथ चल रहे तनाव के कारण, अमेरिका का गृह सुरक्षा विभाग (DHS) 'नेशनल थ्रेट एडवाइजरी सिस्टम' के तहत 22 जून से एक हाई अलर्ट स्थिति में है। यह चेतावनी 22 सितंबर तक प्रभावी रहेगी और जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जा सकती है।” बता दें कि 22 जून को अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। ऐसे में गृह सुरक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि ईरान निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है। क्योंकि वह जनवरी 2020 में मारे गए अपने सैन्य कमांडर की मौत के लिए अमेरिका के अधिकारियों को जिम्मेदार मानता है। यदि ईरानी नेतृत्व कोई धार्मिक फतवा जारी करता है, तो घरेलू चरमपंथी तत्वों के हिंसक रूप से सक्रिय होने की संभावना बढ़ सकती है।
सार्वजनिक कार्यक्रमों पर विशेष निगरानी
माइकल वर्डन ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों, परेड, आतिशबाज़ी समारोहों और ट्रैवल हॉटस्पॉट्स पर कड़ी सुरक्षा रहेगी। उन्होंने कहा कि 2022 के हाईलैंड पार्क शूटिंग जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि खुले स्थानों पर हमलों का खतरा अधिक रहता है। वर्डन ने बताया कि रूफटॉप (छतों) से होने वाले हमलों पर विशेष नजर रखी जाएगी। सबवे, पानी के रास्ते या बैकपैक्स जैसी चीज़ों से खतरों की आशंका जताई गई है। सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों, बिना निगरानी बैग, पार्क की गई गाड़ियों और पहचान पत्रों की जांच में सक्रिय रहेंगी।
आयोजकों और जनता के लिए सुझाव
- स्थानीय पुलिस और संघीय एजेंसियों के साथ समन्वय करें।
- प्रवेश बिंदुओं पर पहचान जांच, बैग स्कैनिंग, और EOD (Explosive Ordnance Disposal) टीमें तैयार रहें।
- डॉग स्क्वॉड और सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- कार्यक्रम स्थल का नक्शा और निकासी मार्ग पहले से जान लेना चाहिए।
- फोन नेटवर्क बंद हो जाए तो संपर्क के लिए परिवार से एक मीटिंग प्वाइंट तय कर लें।
- 'तीन-स्तरीय सुरक्षा योजना' का सुझाव
- स्थल का आकलन कर सुरक्षा योजना बनाएं।
- इमरजेंसी स्थिति में नेतृत्व कौन करेगा, यह पहले तय हो।
- पहले से सभी सुरक्षाकर्मियों और आपातकालीन सेवाओं को प्रशिक्षित किया जाए।
ईरान की परमाणु क्षमताओं पर आघात
इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (ISIS) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इज़रायल के “ऑपरेशन राइजिंग लायन” और अमेरिका की बंकर बस्टिंग स्ट्राइक्स ने ईरान के सेंट्रीफ्यूज एनरिचमेंट प्रोग्राम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। हालांकि रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि ईरान के पास 60%, 20%, और 3–5% स्तर पर संवर्धित यूरेनियम अभी भी मौजूद है, जिसे भविष्य में हथियार-योग्य यूरेनियम में बदला जा सकता है।
क्या हैं लोन वुल्फ' (Lone Wolf) आतंकी हमले
लोन वुल्फ' (Lone Wolf) आतंकी हमले ऐसे आतंकवादी हमले होते हैं, जिन्हें कोई व्यक्ति अकेले, बिना किसी प्रत्यक्ष संगठनात्मक सहयोग या नेटवर्क के अंजाम देता है। ये हमलावर किसी बड़े आतंकी संगठन (जैसे अल-कायदा, आईएसआईएस) की विचारधारा से प्रेरित हो सकते हैं, लेकिन वे संगठन की सीधी योजना या सहायता से नहीं चलते।
'लोन वुल्फ' हमलावर क्यों खतरनाक होते हैं?
इनकी पहचान करना मुश्किल होता है क्योंकि ये गुप्त रूप से काम करते हैं और आम नागरिकों जैसे दिखते हैं। ये किसी संगठन से जुड़े नहीं होते, इसलिए खुफिया एजेंसियों के लिए इन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है। ऐसे हमले अचानक और अप्रत्याशित होते हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों, सार्वजनिक आयोजनों या त्योहारों के दौरान हो सकते हैं।
कुछ चर्चित 'लोन वुल्फ' हमलों के उदाहरण
- नाइस हमला (फ्रांस, 2016): ट्यूनीशियाई मूल के व्यक्ति ने ट्रक से लोगों को कुचल दिया; 86 लोगों की मौत।
- ऑरलैंडो नाइट क्लब हमला (अमेरिका, 2016): हमलावर आईएसआईएस से प्रेरित था, लेकिन अकेले हमला किया; 49 लोगों की मौत।
- हाईलैंड पार्क शूटिंग (अमेरिका, 2022): 4 जुलाई पर भीड़ पर गोलीबारी की गई; 7 की मौत।