वाशिंगटन:अमेरिका ने एच-1बी वीजा शुल्क को एक लाख अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाए जाने के कुछ सप्ताह बाद एक और बड़ा झटका दिया है। अधिकारियों ने एक और विदेशी नागरिकों के लिए कार्य परमिट के स्वतः विस्तार की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है। अमेरिका के इस कदम से बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों और श्रमिकों के प्रभावित होने की आशंका है।
अमेरिका के 'होमलैंड सिक्योरिटी' विभाग ने आव्रजन पर नियंत्रण कसने के अपने प्रयासों के तहत बुधवार को इस फैसले की घोषणा की। विभाग ने स्पष्ट किया कि रोजगार प्राधिकरण दस्तावेजों (ईएडी) की वैधता बढ़ाने से पहले विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की उचित जांच और सत्यापन को प्राथमिकता दी जाएगी।
विभाग की एक विज्ञप्ति के अनुसार नए नियमों के तहत 30 अक्टूबर 2025 या उसके बाद रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों को अब स्वतः विस्तार की सुविधा नहीं मिलेगी। 'यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज' (यूएससीआईएस) के निदेशक जोसेफ बी. एडलो के हवाले से विज्ञप्ति में कहा गया, "किसी विदेशी नागरिक के रोजगार प्राधिकरण या दस्तावेज की वैधता बढ़ाने से पहले उचित जांच और सत्यापन सुनिश्चित करना एक व्यावहारिक उपाय है। सभी विदेशी नागरिकों को यह याद रखना चाहिए कि अमेरिका में काम करना एक विशेषाधिकार है, न कि अधिकार।"
अमेरिका का यह कदम वहां रहकर काम करने वाले विदेशियों के लिए बड़ा झटका है। अमेरिका के इस फैसले के बाद रोजगार दस्तावेज के आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच अब और अधिक सतर्कता से की जाएगी। 'होमलैंड सिक्योरिटी' विभाग ने विदेशी नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज की समाप्ति से 180 दिन पहले नवीनीकरण आवेदन सही तरीके से दाखिल करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि "यह अंतरिम नियम 30 अक्टूबर से पहले स्वतः विस्तारित रोजगार दस्तावेजों को प्रभावित नहीं करेगा।" (भाषा)
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