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"तीसरा विकल्प है खुला, किसी के कहने पर उठते-बैठते नहीं", तेजस्वी के साथ गठबंधन को लेकर बोली AIMIM

 Reported By: Nitish Chandra, Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 30, 2025 08:39 pm IST,  Updated : Jun 30, 2025 09:37 pm IST

AIMIM के भेजे प्रस्ताव पर आरजेडी की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। इसे लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा कि उनके हां-ना का मैं इंतजार नहीं कर रहा हूं।

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी- India TV Hindi
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी Image Source : PTI

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ गठबंधन के लिए पिछले महीने भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक कोई जवाब न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी RJD के 'हां' या 'ना' का इंतजार नहीं कर रही है और तीसरे विकल्प पर काम कर रही है।

क्या था प्रस्ताव भेजने का मकसद?

अख्तरुल इमान ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "ये लोग चुप्पी साधे हुए हैं, हां भी नहीं कह रहे और ना भी नहीं कह रहे। उनके हां-ना का मैं इंतजार नहीं कर रहा हूं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी तरफ से प्रस्ताव भेजने का मकसद धर्मनिरपेक्ष वोटों के विभाजन को रोकना था, क्योंकि RJD एक बड़ा घटक दल है। उन्होंने आगे कहा, "बाकी हमारी जो तैयारी है, वह चल रही है। हम थर्ड ऑप्शन पर भी काम कर रहे हैं, हम उस कोशिश में लगे हुए हैं।"

"AIMIM किसी के अधीन नहीं" 

उन्होंने कहा कि AIMIM किसी के अधीन नहीं है और न ही किसी के इशारे पर काम करती है। उन्होंने कहा, "हम किसी के रैयत नहीं हैं, किसी के कहने पर उठते-बैठते नहीं हैं। यदि ये (RJD) तैयार नहीं हैं, तो हमारी राहें खुली हुई हैं, हम किसी के मातहत काम नहीं करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि थर्ड फ्रंट में किसको लिया जाए यह 'समय' बताएगा, 'राज की बात' है।

"चोर दरवाजे से NRC लाने की कोशिश"

अख्तरुल इमान ने वोटर पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पर भी अपनी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे चोर दरवाजे से  राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लाने की कोशिश करार दिया। इमान ने आरोप लगाया कि यह न केवल NRC की बू देता है, बल्कि आम वोटरों को भी वोट से वंचित रखने की साजिश है।

जन्म प्रमाण पत्र मांगे जाने पर उठाए सवाल

उन्होंने आगे कहा, "87 से पहले वाले से जन्म प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। आज जिनका जन्म होता है, उनको भी समय पर नहीं मिलता है, तो वे कहां से लाएंगे?" उन्होंने 2003 के बाद वालों से माता-पिता का जन्म प्रमाण पत्र मांगे जाने पर पूछा, "उनके पास भी कहां होगा? 70% लोग रोजगार के लिए बाहर हैं, गरीब कहां से कागज लाएंगे?" उन्होंने आशंका जताई कि सरकार महाराष्ट्र जैसा कुछ करना चाहती है।

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