Madhepura Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। राज्य की कुल 243 सीटों में से एक अहम सीट मधेपुरा है, जहां पहले चरण में 6 नवंबर को वोटिंग होगी और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस चुनावी रण में नीतीश कुमार सरकार द्वारा घोषित नई योजनाओं और 'जन सुराज' जैसे नए राजनीतिक दलों की एंट्री से इस बार का चुनावी रण और भी दिलचस्प हो गया है, जिसे जीतने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां पूरी ताकत झोंक रही हैं।
क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के चंद्रशेखर यादव ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीता। उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के निखिल मंडल को 15,072 वोटों के अंतर से हराया। वहीं, 2015 के बिहार चुनाव में चंद्रशेखर यादव ने भारतीय जनता पार्टी के विजय कुमार को 37,642 वोटों के अंतर से हराया था।
2020 के चुनाव परिणाम
- चंद्रशेखर यादव (RJD): 81,116 वोट (39.52%)
- निखिल मंडल (JDU): 65,070 वोट (31.7%)
- राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ((JAP(L)): 26,591 वोट (12.96%)
- NOTA: 1,352 वोट (0.66%)
2015 के चुनाव परिणाम
- चंद्रशेखर यादव (RJD): 90,974 वोट (49.52%)
- विजय कुमार 'बिमल' (BJP): 53,332 वोट (29.03%)
- अशोक कुमार (JAP(L)): 6,833 वोट (3.72%)
- ज्योति मंडल (निर्दलीय): 4,386 वोट (2.39%)
- NOTA: 2,907 वोट (1.58%)
मधेपुरा सीट का चुनावी इतिहास
मधेपुरा विधानसभा सीट बिहार की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र में रही है। यह सीट न केवल मंडल कमीशन के अध्यक्ष रहे बी.पी. मंडल की जन्मस्थली है, बल्कि यहां के मतदाता हमेशा से ही राजनीतिक रूप से सजग रहे हैं। 1977 के बाद से इस सीट पर मुख्य रूप से कांग्रेस, जनता दल और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का वर्चस्व रहा है।
1977 में जनता पार्टी के उदय के साथ ही यह सीट समाजवादी राजनीति का केंद्र बन गई। 1990 और 1995 में जनता दल ने लगातार जीत दर्ज की। 2000 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने यहां से अपनी पहली बड़ी जीत दर्ज की। वहीं, 2005 में हुए दोनों चुनावों में JDU के मणीन्द्र कुमार मंडल ने जीत हासिल की।
RJD की हैट्रिक (2010 से अब तक)
2010 के बाद से यह सीट पूरी तरह से RJD के गढ़ में तब्दील हो गई। चंद्रशेखर यादव ने लगातार तीन विधानसभा चुनावों (2010, 2015 और 2020) में जीत हासिल करके इस सीट पर अपना व्यक्तिगत और पार्टी का वर्चस्व स्थापित किया।