गया टाउन: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। गया टाउन विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह गया जिले में आती है। 2020 के विधानसभा चुनावों में यह सीट भाजपा ने जीती थी। भाजपा के प्रेम कुमार ने कांग्रेस के अखौरी ओंकार नाथ को 11898 वोटों के अंतर से हराया था। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक गया टाउन भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा के प्रेम कुमार जीते थे। प्रेम कुमार को कुल 66932 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के अखौरी ओंकार नाथ को कुल 55034 वोट मिले थे। चौंकाने वाली बात ये है कि यहां तीसरे नंबर पर NOTA रहा था, जिसे कुल 1476 वोट पड़े थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा के प्रेम कुमार ने जीत हासिल की थी। तब उन्होंने कांग्रेस की प्रिया रंजन को 22789 वोटों के मार्जिन से हराया था। तब प्रेम कुमार को कुल 66891 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहीं प्रिया रंजन को कुल 44102 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे स्वतंत्र उम्मीदवार राज कुमार प्रसाद को 7170 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
इस विधानसभा सीट को भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। यहां 1977 में हुए चुनाव में जनता पार्टी से सुशीला सहाय विधायक बनीं थीं। 1990 से इस सीट पर बीजेपी के प्रेम कुमार लगातार जीत रहे हैं। वे अब तक आठ बार विधायक बन चुके हैं।
देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।