बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं। पटना साहिब विधानसभा सीट एक बार फिर सुर्खियों में है। यह सीट राज्य की राजधानी पटना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां शहरीकरण, ऐतिहासिक महत्व और जातिगत समीकरण राजनीति को प्रभावित करते हैं। पटना साहिब, जो पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, पूरी तरह से शहरी इलाका है।
लगातार जीत हासिल कर रहे नंद किशोर यादव
यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी है। तब से यह बीजेपी का अभेद्य किला बनी हुई है। वर्तमान विधायक नंद किशोर यादव ने यहां से लगातार जीत हासिल करते आ रहे हैं, जो उन्हें बिहार की राजनीति का एक दिग्गज नेता बनाती हैं।
शहरी मध्यम वर्ग और व्यापारियों का केंद्र है ये सीट
पटना साहिब राजनीतिक रूप से यह सीट शहरी मध्यम वर्ग और व्यापारियों का केंद्र है। आने वाले चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद है। खासकर जब बिहार की सियासत जाति और गठबंधन पर टिकी है।
2015 में रहा कांटे का मुकाबला
पटना साहिब में पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2010, 2015 और 2020) में बीजेपी का दबदबा रहा है। नंद किशोर यादव ने हर बार जीत दर्ज की है। 2015 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद कांटे का था। बाद में जीत बीजेपी के उम्मीदवार की ही हुई।
नंद किशोर ने कांग्रेस से प्रवीण सिंह को हराया
2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के दिग्गज नेता नंद किशोर यादव को इस सीट पर 97,692 वोट मिले थे। नंद किशोर ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण सिंह को 18,300 वोटों से हराया था।
जानिए 2015 के विधानसभा चुनाव का परिणाम
2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार नंद किशोर यादव को 88,108 वोट मिले थे। आरजेडी उम्मीदवार को 85,3106 वोट मिले थे। इस सीट पर मात्र 2792 वोटों से हार जीत हुई थी। अंत में नंद किशोर यादव ने जीत का झंडा लहराया था।
कांग्रेस के परवेज अहमद को नंद किशोर ने हराया
2010 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के नंद किशोर यादव ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी उम्मीदवार ने कांग्रेस के परवेज अहमद को हराया था। आरजेडी के उम्मीदवार राजेश कुमार तीसरे नंबर पर रहे थे।