बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा के चुनाव हैं। तेजी से यहां चुनावी समीकरण बदल रहे हैं। बिहार की हॉट सीट की बात करें तो बिहारशरीफ विधानसभा उनमें से एक है। बिहारशरीफ विधानसभा सीट बिहार के नालंदा जिले की एक प्रमुख और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण सीट है। यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले की सबसे चर्चित सीटों में से एक है।
जानिए सीट का जाति समीकरण
यह सीट सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से विविधता लिए हुए है, जहां कुर्मी, यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। बिहारशरीफ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों का मिश्रण है, जिसके कारण यहां के चुनावी समीकरण हमेशा रोचक रहते हैं।
एनडीए उम्मीदवार और RJD के बीच कांटे की टक्कर
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहारशरीफ में एनडीए उम्मीदवार और RJD के बीच कांटे की टक्कर देखी गई थी। नीतीश कुमार के गृह जिले होने के कारण जेडीयू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कुर्मी मतदाताओं का समर्थन जेडीयू को मिला था, जबकि RJD को यादव और मुस्लिम वोटों का मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ था।
2020 में NDA से बीजेपी उम्मीदवार की जीत
विधानसभा चुनाव परिणाम की बात करें तो 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी के उम्मीदवार डॉक्टर सुनील कुमार गुप्ता ने जीत दर्ज की थी। 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन था। इसलिए इस सीट पर एनडीए से बीजेपी ने अपना उम्मीदवार उतारा था। बीजेपी उम्मीदवार ने आरजेडी के प्रत्याशी सुनील कुमार को हराया था। बीजेपी के उम्मीदवार सुनील कुमार को 81888 वोट मिले थे। आरजेडी के प्रत्याशी को 66786 वोट मिले थे।
2015 में भी बीजेपी उम्मीदवार की हुई थी जीत
2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी के सुनील कुमार ने चुनाव जीता है। बीजेपी के उम्मीदार सुनील कुमार को 76,201 वोट मिले थे। जेडीयू उम्मीदवार मोहम्मद असगर शमीम को 73,861 वोट मिले थे। इस सीट में करीब 3 हजार के वोटों से हार जीत हुई थी।