बिहार: दरभंगा के अलीनगर से बीजेपी विधायक मिश्री लाल यादव की विधानसभा सदस्यता फिर से बहाल कर दी गई है। मिश्री लाल यादव को दरभंगा के एमपी-एमएलए विशेष अदालत द्वारा 27 मई, 2025 को दी गई दो साल की सजा को पटना हाइ कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने बुधवार देर शाम एक अधिसूचना जारी कर अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक यादव की सदस्यता की बहाली की पुष्टि की।
मिश्री लाल यादव को मारपीट के एक मामले में दरभंगा जिले की एमपी-एमएलए विशेष अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था। अब पटना हाई कोर्ट के 18 जुलाई के आदेश के बाद उनकी सदस्यता बहाल की गई है, जिसमें अधीनस्थ अदालत के साथ-साथ अपीलीय अदालत के फैसलों को भी रद्द कर दिया गया था।
यह मामला 2019 का है जब दरभंगा जिले की सांसद-विधायक अदालत ने यादव और उनके सहयोगी को 27 मई, 2025 को मारपीट के एक मामले में दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी। विशेष सांसद-विधायक अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर ने मिश्री लाल यादव और सुरेश यादव पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
दरअसल, जनवरी 2019 में विशेष सांसद-विधायक अदालत के विशेष न्यायाधीश सह अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट करुणा निधि प्रसाद आर्य ने उमेश मिश्रा नामक व्यक्ति को जानबूझकर चोट पहुंचाने के जुर्म में दोनों को तीन-तीन माह कैद की सजा सुनाई थी। यादव ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। हालांकि, उनकी अपील खारिज कर दी गई और दरभंगा की विशेष सांसद-विधायक अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने 27 मई, 2025 को मिश्रा की सजा बढ़ाने संबंधी याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद यादव की सजा को बढ़ाकर दो साल कर दिया गया था। पीड़ित उमेश मिश्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 29 जनवरी 2019 को विधायक और उनके साथियों ने उनके घर के बाहर उन पर हमला किया था। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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