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बिहार चुनाव: वोटर लिस्ट की हो रही समीक्षा, कहीं वोट डालने से आप न रह जाएं वंचित! जानिए चुनाव आयोग के दिशानिर्देश

 Published : Jun 30, 2025 06:45 pm IST,  Updated : Jun 30, 2025 06:57 pm IST

बिहार में चुनाव को के लेकर वोटर लिस्ट की समीक्षा की जा रही है। पुराने वोटरों की क्रॉस चेकिंग हो रही है। नए वोटर को जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। ऐसे में चुनाव आयोग ने कई जरूरी दिशानिर्देश दिए हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव हैं। बिहार में मतदाता सूची (Voter List) को अपडेट करने का काम जोरों से किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की जरूरत है, क्योंकि ये कई कारणों से बदलती रहती हैं और संविधान में प्रावधान है कि केवल पात्र नागरिक ही मतदाता सूची का हिस्सा हों और जो नहीं हैं, वो वोट नहीं दे सकें। 

वोट डालने से वंचित किए जाने का भी खतरा

चुनाव आयोग ने यह टिप्पणी उस वक्त की है, जब कई विपक्षी दलों ने कहा है कि गहन पुनरीक्षण के कारण राज्य मशीनरी का उपयोग करके बड़ी संख्या में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किए जाने का खतरा है। 

मतदाता सूची में संशोधन जरूरी 

आयोग ने एक बयान में कहा कि मतदाता सूची में संशोधन जरूरी है क्योंकि यह निरंतर बदलाव से गुजरने वाली सूची होती है जो मौतों, प्रवासन के कारण लोगों के स्थानांतरण और 18 साल के नए मतदाताओं के जुड़ने के कारण बदलती रहती है। 

ये लोग हैं मतदाता सूची के लिए पात्र

बयान में कहा गया है, ‘इसके अलावा, संविधान का अनुच्छेद 326 निर्वाचक बनने के लिए पात्रता निर्दिष्ट करता है। केवल 18 साल से अधिक उम्र के भारतीय नागरिक और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निवासी ही निर्वाचक के रूप में पंजीकृत होने के पात्र हैं।’ 

2003 की मतदाता सूची की गई अपलोड

निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने बिहार की 2003 की मतदाता सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। इसमें 4.96 करोड़ मतदाताओं का विवरण शामिल है। इसका उपयोग 2003 की सूची में शामिल लोग अपना गणना फॉर्म जमा करते समय दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में कर सकते हैं। 

लगभग 60 प्रतिशत को कोई दस्तावेज नहीं करना होगा जमा

इसमें यह भी कहा गया है कि साल 2003 की मतदाता सूची की उपलब्धता के कारण राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में काफी सुविधा होगी क्योंकि अब कुल मतदाताओं में से लगभग 60 प्रतिशत को कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होगा। उन्हें बस 2003 की मतदाता सूची से अपना विवरण सत्यापित करना होगा और भरा हुआ गणना फॉर्म जमा करना होगा। 

BLO देख सकेंगे कई विवरण

मतदाता और बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) दोनों ही इन विवरणों को आसानी से देख सकेंगे। इसमें कहा गया है कि जिस किसी का नाम 2003 की बिहार मतदाता सूची में नहीं है, वह अब भी अपनी मां या पिता के लिए कोई अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के बजाय 2003 की मतदाता सूची के उद्धरण का उपयोग कर सकता है। ऐसे मामलों में माता या पिता के लिए किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। केवल 2003 ईआर का प्रासंगिक उद्धरण/विवरण ही पर्याप्त होगा।

जमा करना होंगे दस्तावेज

चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसे मतदाताओं को भरे हुए गणना फॉर्म के साथ केवल अपने लिए दस्तावेज जमा करने होंगे। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक चुनाव से पहले, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 25 के अनुसार मतदाता सूची में संशोधन अनिवार्य है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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