पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद लालू परिवार के अंदर कलह इतना बढ़ गया कि रोहिणी आचार्य को घर छोड़कर जाना पड़ा। उन्होंने तेजस्वी और उनके साथी संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए। हार की जिम्मेदारी तय करने पर भी सवाल उठाए थे। लेकिन रोहिणी के मुताबिक इसके बदले उन्हें अपमानित किया गया। रोहिणी ने राजनीति छोड़ने का ऐलान करते हुए घर छोड़ दिया। वहीं इस पूरे विवाद पर लालू प्रसाद के साले और रोहिणी के मामा सुभाष यादव ने कहा कि इस कलह की वजह है अहम।
जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ना होगा
उन्होंने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि लालू जी का परिवार बिखर रहा है और उसकी वजह है अहम। जो एक आदमी बोल दे बस वही हो। अब इसमें बिहार के लोगों को देखना होगा। उनसे जुड़ना होगा। सुभाष यादव ने कहा कि केवल घोषणा से क्या होता है जब वो ज़मीनी स्तर पर जनता से जुड़े ही नहीं हैं।
सुभाष यादव ने कहा कि जमीन पर उतर कर काम करना पड़ता है तब बिहार की जनता किसी को चुनती है, उसे मौका देती है। सिर्फ घोषणा से नहीं होता है। केवल सरकारी योजनाओं का नाम लेने से बिहार की जनता नहीं जानती है आपको। सुभाष यादव ने कहा कि यही अहम आरजेडी की हार की वजह बना। वे (तेजस्वी)अपने परिवार के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।
रोहिणी को बोला गया कि जान से मरवा देंगे
जब यह बात कह चुके हैं कि छपरा के लोगों ने रोहिणी को बुलाया था तो फिर ये बात कैसे हुई के आपने किडनी दिया..आपको पैसा दिया.. पैसा लेकर किडनी देना ये कोई बेटी नहीं कर सकती है। जब हंगामा हुआ तब रोहिणी को बोला गया कि मरवा देंगे। मैं बिहार सरकार से मांग करता हूं कि वह इसकी जांच करे। उत्तर प्रदेश का लड़का है जिसपर कई मामले दर्ज हैं, वो तेजस्वी के पास कैसे आया?
लालू जी का हाल भी कांशीराम जैसा न हो जाए
सुभाष यादव ने कहा कि कहीं लालू जी का हाल भी कांशीराम जी जैसा ना हो जाए। आज लालू जी से कोई मिल नहीं सकता है। मिलने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। सीसीटीवी से उन पर नज़र रखी जाती है। सुभाष यादव ने कहा कि हमारे कहने से कोई नेतृत्व नहीं बदलेगा लेकिन आरजेडी को सोचना चाहिए कि जो व्यक्ति आम जानता से नहीं मिलता उसको नेतृत्व दे रखा है। जो 12 बजे दिन में सो के उठेगा वो जनता का क्या काम करेगा?
सुभाष यादव ने कहा कि पार्टी के लोग जांच करें या सरकार जांच करे। यह जांच का विषय है। ये कौन लोग हैं? कैसे नशा खिला रहे हैं लोगों को? दिन भर आदमी नशे में लगता है। सुभाष यादव ने कहा कि खटास तो सभी बहनों के बीच में है। लेकिन सब बहन एकजुट हैं। मां-बाप भी एकजुट हैं। लेकिन आप (तेजस्वी) क्यों अलग हैं? पूरे बिहार में यही मैसेज है कि बिना पैसे के टिकट नहीं मिलेगा।