बिहार की राजनीति में विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे और प्रत्याशियों के चयन को लेकर मचे घमासान के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को कैमूर जिले की मोहनिया विधानसभा सीट पर बड़ा झटका लगा है। बुधवार को आरजेडी उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन पत्र निर्वाचन आयोग ने खारिज कर दिया। इसके बाद, आरजेडी ने अपनी रणनीति बदलते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रवि पासवान (वरिष्ठ नेता छेदी पासवान के बेटे) को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
श्वेता सुमन का नामांकन क्यों हुआ खारिज?
श्वेता सुमन का नामांकन फॉर्म में गलत जानकारी देने के आरोप में रद्द किया गया। मोहनिया एक आरक्षित सीट है, जिसके लिए उम्मीदवार का उस राज्य की नोटिफाइड अनुसूचित जाति (SC) से होना अनिवार्य है। श्वेता सुमन ने अपने नामांकन फॉर्म में बताया था कि उनका मायका उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में है और वह अनुसूचित जाति की हैं।
बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि कोई भी व्यक्ति जो यूपी में एससी है, उसे बिहार में तब तक एससी श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकता, जब तक वह जाति बिहार की शेड्यूल कास्ट में नोटिफाई न हो और उम्मीदवार बिहार का स्थायी निवासी न हो। चुनाव आयोग ने बीजेपी की शिकायत को सही पाया और श्वेता सुमन का नामांकन खारिज कर दिया।
बीजेपी के इशारे पर किया गया: श्वेता सुमन
नामांकन खारिज होने की खबर सुनते ही श्वेता सुमन की आंखें भर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ यह अन्याय बीजेपी के इशारे पर किया गया है। श्वेता सुमन ने चेतावनी देते हुए कहा, "मैं इसे कोर्ट में चैलेंज करूंगी।"
अपनी प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद RJD ने फौरन डैमेज कंट्रोल किया। पार्टी ने तुरंत निर्दलीय उम्मीदवार रवि पासवान को समर्थन देने की घोषणा कर दी। रवि पासवान, वरिष्ठ नेता छेदी पासवान के बेटे हैं और मोहनिया सीट पर मजबूत पकड़ रखते हैं।
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