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CM सिद्धारमैया के बेटे ने कहा- पिता का पॉलिटिकल करियर आखिरी पड़ाव पर, उत्तराधिकारी के बयान पर बाद में मुकरे

 Reported By: T Raghavan Edited By: Malaika Imam
 Published : Oct 22, 2025 06:44 pm IST,  Updated : Oct 22, 2025 07:53 pm IST

सीएम सिद्धारमैया के बेटे ने कहा कि उनके पिता अपने राजनीतिक करियर के अंतिम पड़ाव में हैं। कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच उनके इस बयान को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और पूर्व विधायक डॉ. यतीन्द्र सिद्धारमैया- India TV Hindi
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और पूर्व विधायक डॉ. यतीन्द्र सिद्धारमैया Image Source : REPORT

कर्नाटक की सियासत में ढाई साल बाद होने वाले सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और पूर्व विधायक डॉ. यतीन्द्र सिद्धारमैया के एक बयान ने कांग्रेस के भीतर भूचाल ला दिया है। यतीन्द्र ने न केवल अपने पिता के राजनीतिक करियर के 'अंतिम पड़ाव' पर होने की बात कही, बल्कि अगले नेतृत्व के लिए सीधे तौर पर वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकीहोली का नाम भी उछाल दिया है, जिससे उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मुख्यमंत्री बनने की राह मुश्किल होती दिख रही है।

"पिता का अंतिम पड़ाव, जारकीहोली काबिल हैं"

डॉ. यतीन्द्र सिद्धारमैया ने यह विस्फोटक बयान बेलगावी जिले के रायबाग तालुक के कप्पलगुड्डी गांव में संत कनकदास की मूर्ति के उद्घाटन के दौरान दिया। उन्होंने कहा, "मेरे पिता अपने पॉलिटिकल करियर के आखिरी दौर में हैं। कर्नाटक को अब प्रोग्रेसिव और सोच वाले नेताओं की ज़रूरत है। सतीश जारकीहोली यह जिम्मेदारी लेने में काबिल हैं। मुझे विश्वास है कि वह मिसाल बनकर हमें लीड करेंगे। वह मेरे पिता के सामाजिक समरसता के सिद्धांत को आगे ले जाने में सक्षम हैं।"

अपने बयान पर सिद्धारमैया के बेटे ने दी सफाई

हालांकि, बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए यतीन्द्र सिद्धारमैया ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री बदलने की बात नहीं की। पिताजी ने कहा है कि 2028 उनका आखिरी चुनाव होगा। वह 2028 तक चुनाव नहीं लड़ेंगे।"

ढाई साल का फार्मूला हुआ था तय

यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अगले महीने नवंबर में सिद्धारमैया सरकार के गठन को लगभग ढाई साल पूरे हो रहे हैं। 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को ढाई-ढाई साल के लिए बांटने का फार्मूला तय किया था, लेकिन सिद्धारमैया लगातार कहते रहे हैं कि वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे।

शिवकुमार की राह में नया रोड़ा

सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि अगर आलाकमान नवंबर के बाद सिद्धारमैया को पद छोड़ने का निर्देश देता है, तो मुख्यमंत्री की कुर्सी डीके शिवकुमार को मिलना तय माना जा रहा था, लेकिन यतीन्द्र के इस बयान ने अब एक नई चुनौती पेश कर दी है। इससे डीके शिवकुमार की टेंशन बढ़ना लाजमी है।

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