पटना अजीत हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूल संचालक अजीत की हत्या उसकी पत्नी रीता ने कराई थी। शूटरों को 10 लाख की सुपारी देकर पत्नी रीता ने पति अजीत की हत्या करा दी। हत्या में रीता का ड्राइवर भी शामिल था, जिसने इस पूरे वारदात में रीता की मदद की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 6 जुलाई की रात गोली मारकर अजीत की हत्या को अंजाम दिया गया गया था। अपराधियों ने अजीत पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, जिसमें उनकी मौत हो गई।
इस घटना की मास्टरमाइंड कोई और नहीं स्कूल संचालक की पत्नी रीता ही निकली है, जिसने शूटरों से 10 लाख रुपये में हत्या की डील की थी। पति की हत्या के लिए 3 लाख रुपये एडवांस दिए थे, बाकी हत्या के बाद देने के बात हुई थी, लेकिन उससे पहले ही आरोपी धरे गए।
क्यों कराई हत्या?
अजीत की पत्नी रीना स्कूल चलाती थी और स्कूल की जमीन पति अजीत के नाम पर थी। अजीत स्कूल की जमीन बेचना चाहता था और पत्नी रीता नहीं चाहती थी कि स्कूल की जमीन बिके, लेकिन पति अजीत जमीन बेचने की जिद पर अड़ा था। इसी को लेकर रीना का दिमाग घूम गया और उसने अपने ड्राइवर के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। रीता ने ड्राइवर के साथ मिलकर 10 लाख में शूटर हायर किए। कई दिनों तक शूटरों ने अजीत की रेकी की और फिर 6 जुलाई को शूटरों ने अजीत को मौत के घाट उतार दिया।
बिहार में अपराधी बेलगाम
बिहार में हाल के दिनों में हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। यहां अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और खुलेआम लोगों को गोलियां मारी जा रही हैं। कुछ दिन पहले ही कारोबारी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, शुक्रवार शाम एक दुकान संचालक की हत्या कर दी गई। इस बीच दानापुर में अजीत की भी हत्या की गई। निजी स्कूल चलाने वाले अजीत को बाइक सवार दो अपराधियों ने रविवार की रात सगुना -खगौल मुख्प मार्ग पर गोली मार दी थी। सिर में एक गोली लगने से मुस्तफापुर निवासी अजीत कुमार (50) की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद अपराधी दानापुर स्टेशन की ओर फरार हो गए थे।
पिता को खाना देकर लौट रहे थे अजीत
अजीत कुमार परिवार के साथ मुस्तफापुर में रहते थे। उनका लेखा नगर के पास आरएन सिन्हा नाम से निजी स्कूल है। अजीत की पत्नी और दो बच्चे हैं। उनके वृद्ध पिता सगुना मोड़ स्थित एक अपार्टमेंट में रहते हैं। पिता का खाना बेटे के घर से जाता था। रोजाना की तरह अजीत कुमार स्कूटी से खाना लेकर पिता के पास सगुना मोड़ इलाके में गए थे। वहां से वापस घर लौटते समय उनकी हत्या कर दी गई। रविवार रात करीब 11 बजे वह डीएवी स्कूल के पास पहुंचे। वहां पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। इसकी भनक किसी को नहीं लगी। एसपी पश्चिमी भानुप्रताप सिंह नौबतपुर थाना की ओर जा रहे थे। उन्होंने सड़क के किनारे खून से लथपथ शख्स को देख इसकी सूचना खगौल थाने को दी। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस अजीत कुमार को अनुमंडल अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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