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तेजस्वी यादव की 'बिहार अधिकार यात्रा' शुरू, 10 जिलों से गुजरेगा RJD नेता का 'रथ'

 Reported By: Nitish Chandra, Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 16, 2025 01:12 pm IST,  Updated : Sep 16, 2025 01:17 pm IST

तेजस्वी यादव ने बिहार में ‘बिहार अधिकार यात्रा’ की शुरुआत जहानाबाद से कर दी है। अब यह 10 जिलों से गुजरते हुए 20 सितंबर को वैशाली में समाप्त होगी। इस यात्रा के जरिए तेजस्वी RJD की ताकत दिखाना और संगठन को मजबूत करना चाहते हैं।

Tejashwi Yadav Bihar Yatra, Bihar Adhikar Yatra 2025- India TV Hindi
RJD नेता तेजस्वी यादव की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ शुरू हो गई है। Image Source : X.COM/RJDFORINDIA

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज से अपनी बिहार अधिकार यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा बस के जरिए निकाली जा रही है और 20 सितंबर तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत जहानाबाद से हुई है और इसका समापन वैशाली में होगा। 5 दिन की इस यात्रा में तेजस्वी यादव का 'रथ' सूबे के 10 जिलों जहानाबाद, नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर और वैशाली से होकर गुजरेगा।

तेजस्वी की यात्रा का मकसद क्या है?

तेजस्वी की यह यात्रा सियासी तौर पर काफी अहम मानी जा रही है। इस यात्रा के जरिए तेजस्वी RJD कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, वे महागठबंधन में अपनी और RJD की ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर कांग्रेस को यह संदेश देना चाहते हैं कि महागठबंधन में सबसे बड़ा जनाधार RJD और तेजस्वी का ही है। इसके अलावा, तेजस्वी इस यात्रा के जरिए संगठन की मजबूती दिखाने और बिहार की जनता तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में हैं। तेजस्वी की इस यात्रा में महागठबंधन के अन्य दल शामिल नहीं हैं, जिससे यह साफ है कि तेजस्वी अकेले अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।

'मैं और राहुल गांधी एक ही पेज पर हैं'

यात्रा शुरू करने से पहले मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कई अहम बातें कहीं। जब उनसे अकेले यात्रा निकालने के सवाल पर जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं और राहुल गांधी एक ही पेज पर हैं। BJP-JDU को सफाई देने की जरूरत नहीं है। किसी के कुछ कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता। बिहार की जनता बदलाव चाहती है।' तेजस्वी ने यह भी साफ किया कि उनकी इस यात्रा का मकसद बिहार की जनता के अधिकारों की बात उठाना और उनके मुद्दों को सामने लाना है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी इस यात्रा के जरिए कांग्रेस पर दबाव बनाना चाहते हैं, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर घोषित किया जाए।

महागठबंधन में क्यों जारी है तनाव?

तेजस्वी की इस यात्रा से कांग्रेस के खेमे में थोड़ा तनाव देखा जा रहा है। RJD नेता ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि वे 243 सीटों पर अपने नाम पर वोट मांगेंगे। इसके अलावा, पहले की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने तेजस्वी को CM फेस घोषित करने के सवाल को टाल दिया था, जिससे RJD और कांग्रेस के बीच तनाव की अटकलें बढ़ी थीं। हालांकि, इससे पहले तेजस्वी और राहुल गांधी ने मिलकर वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी, जिसमें तेजस्वी ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील जनता से की थी। लेकिन अब तेजस्वी का अकेले यात्रा निकालना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पीएम मोदी के बयान पर साधा निशाना

15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमांचल के पूर्णिया में थे, जहां उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर RJD और कांग्रेस पर निशाना साधा था। इस पर जवाब देते हुए तेजस्वी ने आज यात्रा शुरू करने से पहले कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और उनकी लड़ाई जनता के अधिकारों के लिए है। यह यात्रा न सिर्फ RJD के लिए संगठनात्मक तौर पर महत्वपूर्ण है, बल्कि तेजस्वी के लिए भी अपनी सियासी ताकत दिखाने का मौका है। तेजस्वी की इस यात्रा से बिहार की सियासत में हलचल मचनी तय है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह यात्रा महागठबंधन की एकता और आगामी चुनावी रणनीति पर क्या असर डालती है।

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