पटना: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अपने वायरल वीडियो और खुद पर एफआईआर होने के बाद बयान दिया है। उन्होंने कहा, "अगर कोई पूरा वीडियो देखेगा, तो उसे राजद का ट्वीट भ्रामक लगेगा। जिस गांव का यह वीडियो सामने आया है, वहां एक राजद नेता रहता है। वह लोगों को धमकाता है और उन्हें बूथ पर न जाने के लिए डराता है। मैंने कहा कि अगर नेता गरीबों को धमकाते और डराते हैं, तो गांव के लोगों को उन्हें घेरकर बंद कर देना चाहिए।"
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ललन सिंह ने और क्या कहा?
ललन सिंह ने कहा, "अगर वे (ऐसे नेता) वोट देने जाना चाहते हैं, तो उन्हें मतदान केंद्र ले जाएं और उसके बाद उन्हें अपने घरों के अंदर रहने के लिए मजबूर करें। कोई भी गरीबों को धमकाकर उनका वोट नहीं ले सकता। शिवनार की रैली में दिया गया मेरा पूरा बयान यही है।"
उन्होंने कहा, "उसी दिन, मोकामा स्थित चुनाव कार्यालय में, मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मोकामा नगर परिषद के अंतर्गत वार्ड संख्या 15-27 में लोग वोट के लिए गरीबों को धमका रहे हैं। गरीब हमारे मतदाता हैं, नीतीश कुमार के मतदाता। क्या हम अपने मतदाताओं की रक्षा और प्रोत्साहन नहीं करेंगे? नीतीश कुमार के राज में कानून का राज है। हम सभी कानून का सम्मान करते हैं। इसलिए, अगर मेरे खिलाफ चुनाव आयोग के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई है तो मैं इसका सम्मान करता हूं।"
ललन सिंह के खिलाफ क्यों हुई थी एफआईआर?
मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान दिए बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर FIR दर्ज हुई थी। दरअसल ललन सिंह ने एक नेता को वोटिंग के दिन घर में पैक कर देने की बात कही थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद पटना डीएम के एक्स हैंडल पर इस बारे में जानकारी दी गई और बताया गया, "जिला प्रशासन, पटना द्वारा वीडियो निगरानी टीम के वीडियो फुटेज की जांच की गई। जांचोपरांत इस मामले में ललन सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।"