1. Hindi News
  2. बिहार
  3. नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी क्यों नहीं बन पाए असिस्टेंट प्रोफेसर? जानें किसने लगाया फर्जी डिग्री का आरोप

नीतीश के मंत्री अशोक चौधरी क्यों नहीं बन पाए असिस्टेंट प्रोफेसर? जानें किसने लगाया फर्जी डिग्री का आरोप

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Dec 30, 2025 11:27 pm IST,  Updated : Dec 30, 2025 11:27 pm IST

नीतीश कुमार के मंत्री अशोक चौधरी असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर विवादों में घिर गए हैं। विपक्ष ने उनके असिस्टेंस प्रोफेसर न बन पाने को लेकर फर्जी डिग्री होने की बात कही।

सीएम नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी।- India TV Hindi
सीएम नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी। Image Source : REPORTER INPUT

पटना: बिहार में नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी विवाद में फंस गए हैं। असल में बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए 274 लोगों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। 2020 में नियुक्ति का प्रॉसेस शुरू हुआ था। इसमें चौधरी ने पॉलिटिकल साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए इंटरव्यू दिया था। 274 सिलेक्टेड कैंडीडेट्स की लिस्ट में अशोक चौधरी का नाम भी था, लेकिन जब असिस्टेंट प्रोफेसर्स को कॉलेज अलॉट हुए तो अशोक चौधरी का नाम गायब हो गया। आज बिहार के एजुकेशन मिनिस्टर डॉक्टर सुनील कुमार ने इसकी जो बजह बताई, वो सियासी मुद्दा बन गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अशोक चौधरी के सार्टिफिकेट में कुछ गड़बड़ियां हैं, इसलिए उनकी नियुक्ति का मामला बिहार स्टेट यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन के पास भेजा गया है। जांच के बाद ही अशोक चौधरी की नियुक्ति पर फाइनल फैसला होगा।

तमाम नेताओं ने लगाए आरोप

शिक्षा मंत्री के इसी खुलासे पर विपक्ष के नेताओं ने अशोक चौधरी को घेरा। कांग्रेस के नेता असितनाथ तिवारी ने तो कह दिया कि अशोक चौधरी की PHD की डिग्री फर्जी थी, इसीलिए उनका नाम लिस्ट में नहीं है। इसके बाद RJD के नेताओं ने तो अशोक चौधरी के इस्तीफे का मांग तक कर दी। RJD के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि अशोक चौधरी के सारे डॉक्यूमेंट फर्जी हैं। अब इस बात की जांच होनी चाहिए कि इस फर्जीवाड़े में कौन कौन अफसर शामिल हैं। 

बिहार RJD अध्यक्ष ने कही ये बात

तमाम आरोप प्रत्यारोप के बावजूद अशोक चौधरी इस मामले में कुछ नहीं बोले। मजे की बात ये है कि RJD के कुछ नेता अशोक चौधरी के बचाव में सामने आए। बिहार RJD के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि उन्हें नहीं लगाता ये मामला फर्जीवाड़े का है। हो सकता है कि डाक्यूमेंटेस में अशोक चौधरी का जो नाम दर्ज हो उसमें स्पैलिंग की दिक्कत हो, आमतौर पर यही होता है इसलिए अशोक चौधरी पर बिना सबूत इल्जाम लगाना गलत है। मंगनी लाल मंडल ने जो कहा वो ठीक हो सकता है। क्योंकि पता ये लगा है कि अशोक चौधरी के पासपोर्ट, जाति प्रमाण पत्र समेत कई दस्तावेजों में कहीं उनका नाम अशोक कुमार तो कहीं अशोक चौधरी दर्ज है, इसलिए उनके दस्तावेजों को जांच के लिए भेजा गया है।

यह भी पढ़ें-

यूपी में 'सिगरेट वाले बाबा' का अजब दरबार, जहां धुएं से हर रोग के इलाज का दावा; लगती है लंबी कतार

'इस बार खेला का नाम फाटाफटी होगा', ममता बनर्जी ने BJP पर जमकर साधा निशाना; जानें क्या बोलीं

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।