पटना: केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट पर विमान हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत के बाद ऐसी किसी भी अप्रिय घटना घटना से बचने के लिये पटना एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पटना का जय प्रकाश नारायण हवाई अड्डा देश के 20 सबसे अधिक व्यस्ततम हवाई अड्डों में से एक है। 17 जुलाई 2000 को यह हवाई अड्डा उस समय चर्चा में आ गया था, जब कोलकाता से दिल्ली के उड़ान भरने वाला बोइंग 737 विमान यहां नजदीक में ही रिहाइशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
विमान को उतारने से पहले पायलटों ने उसे 360 डिग्री तक घुमाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन ऐसा करते समय विमान थोड़ी देर रुका और फिर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में 52 यात्री सवार थे जिनमें से 49 की मौत हो गई। इसके अलावा दोनों पायलट, सभी चारों एयर हॉस्टेस और छह स्थानीय लोगों की जान चली गई थी।
आपको बता दें कि केरल के कोझिकोड हवाई अड्डे पर शुक्रवार शाम 7.41 मिनट पर लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस का बोइंग 737 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान के दोनों पायलट समेत 18 लोगों की मौत हो गई। यह विमान दुबई से कोझिकोड आ रहा था। दुर्घटनाग्रस्त विमान बोइंग 737 के मुख्य पायलट दीपक वसंत साठे भारतीय वायुसेना के एक पूर्व विंग कमांडर थे। वह सर्वाधिक अनुभवी कमांडरों में एक थे जिनके पास 10,000 घंटों की उड़ान का अनुभव था। उन्होंने अतीत में कारीपुर हवाईअड्डे पर 27 बार विमान उतारा था। (इनपुट-भाषा)
संपादक की पसंद