
हाउसिंग इन्फ्लेशन (घर संबंधी महंगाई)-
रोटी और कपड़े के बाद आम आदमी के लिए अगर सबसे जरूरी चीज कोई होती है तो वो घर होता है। घर बनाने के लिए जमीन, कच्चा सामान, लेबर और मिस्त्री जैसी कई चीजों की दरकार होती है, कुल मिलाकर अगर आज के दौर में आप घर बनाने की तमन्ना पालते हैं तो यह आपके लिए काफी भारी होता है। क्योंकि देश में जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं और देश भर की अधिकांश जमीनों पर बिल्डरों ने अपने अपने तंबू लगा रखे हैं, यानी आप आगर घर खरीदना भी चाहते हैं तो आपको इन जमीन के ठेकेदारों के पास जाना होगा जो अपने मोटे कमीशन के बाद ही आपको घर का पजेशन देने को तैयार होंगे। हालांकि बीते कुछ सालों से देश के रियल इस्टेट सेक्टर में थोड़ी उदासीनता है। आरबीआई का हाल का ही डाटा यह बताता है कि साल 2014 के बाद से हाउसिंग इन्फ्लेशन में थोड़ी कमी आई है। ऐसे में बिल्डर फ्लैट खरीदने की आपकी गंभीरता को देखते हुए आपसे मोलभाव करने को भी तैयार रहता है, लेकिन इन सब के बावजूद भी आपको थोड़ा ज्यादा रकम चुकानी होती है, यह आपके ऊपर पड़ने वाली महंगाई की अप्रत्यक्ष मार होती है। वहीं अगर आप खुद से जमीन लेकर घर बनवाना चाहते हैं तो यह भी सस्ता सौदा नहीं होता है क्योंकि इसके लिए भी आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होते हैं।
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