
इन्फ्लेशन और अपने परिवार के लिए वित्तीय योजनाएं-
महंगाई के इन सभी द्वारों को मद्देनजर रखते हुए आपके खर्चे न सिर्फ रुपए की कीमतों में उछाल के चलते बढ़े हैं बल्कि आपकी दिनचर्या ने भी आपके बजट को हिलाकर रख दिया है। हालांकि हमने प्रति वर्ष महंगाई के 5 से 6 फीसदी बढ़ने की गणना की है लेकिन महंगाई के और पहलू भी होते हैं। हालांकि कीमतों का बढ़ना आपकी सालाना घरेलू योजनाओं से काफी हद तक इतर होता है और पूरी तरह से वित्त संबंधित होता है। इसलिए जरूरी नहीं कि जो वित्तीय योजना आपके मित्र और कलीग ने बनाया है वो आपके घर के लिहाज से भी उचित हो। इसलिए जरूरी यह है कि आप यह भांपे की महंगाई आपकी सालाना योजनाओं को किस हद तक प्रभावित करता है और इसके बाद ही आप अपनी योजनाओं को अंजाम दें।