
जाने PNR के बारे में
PNR यानी की पैसेंजर नेम रेकॉर्ड। यह इस बान के बताता है कि किस टिकट पर कौन सफर कर रहा है। रेल टिकट नॉन ट्रांस्फरेबल होता है इसलिए किसी और के टिकट पर कोई और सफर नहीं कर सकता। यह नंबर बहुत जरूरी होता है तो बेहतर है कि आप इसे कहीं लिख कर रख ले या मोबाइल में सेव कर लें क्योंकि टिकट खो जाने पर यही आपकी मदद करेगा। इस नंबर से आप ट्रेन नंबर, ट्रेन का नाम, डेस्टिनेशन जानकारी, सफर का क्लास, टिकट स्टेटस, पैसेंजर कोच और सीट नंबर का पता लगा सकते हैं।
जानिए कितने तरह की होती है रिजर्वेशन्स-
- टिकट विंडो पर जाकर
- ऑनलाइन ई-रिजर्वेशन
- ऑनलाइन आई-रिजर्वेशन
E और I का अर्थ
E यानी की इलेक्ट्रॉनिक टिकट। इसमें काफी सारे प्रिंट निकल सकते है और सफर के दौरान आई डी प्रूफ होना चाहिए। इसे सफर से कुछ घंटों पहले भी ले सकते है।
I टिकट तब होता है जब आप फिजिकल टिकट लेना चाहते है और टिकट विंडो पर नहीं जाना चाहते तो आई टिकट का इस्तेमाल कर सकते है। इसके साथ कोई आईडी की जरूरत नहीं होती। यह आपके घर पोस्ट के जरिए भेज दिया जाता है और इसके लिए सफर से तीन दिन पहले बुकिंग करावानी पड़ती है। आई टिकट खो जाने पर PNR नंबर याद होना चाहिए।