1. Hindi News
  2. बिज़नेस
  3. समय से पहले पहुंचने वाले मानसून पर अलनीनो का बड़ा खतरा

समय से पहले पहुंचने वाले मानसून पर अलनीनो का बड़ा खतरा

 Written By: India TV Business Desk
 Published : May 15, 2015 06:55 pm IST,  Updated : May 19, 2015 03:23 pm IST

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यत: 1 जून तक केरल पहुंचता, लेकिन इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि यह दो दिन पहले यानी 30 मई को केरल के तट पर दस्तक देगा। इस बार

monsoon

जाने क्या होता है दक्षिण पश्चिमी मानसून-

अगर सामान्य शब्दों में समझा जाए तो हिंद एवं अरब महासागर की तरफ से भारत के दक्षिणी पश्चिमी तट की तरफ आने वाली हवाओं को ही मानसून कहते हैं। यह मानसून भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की धरती पर बारिश कराता है। मानसून के दौरान थार के रेगिस्तान, उसके आस पास के इलाके और उत्तरी और मध्य भारतीय महाद्वीप के भू-भाग गर्म हो जाते हैं। इस कारण से यहां कम दबाव वाला क्षेत्र बन जाता है। इस प्रकार से जो खाली स्थान बनता है कि उसे भरने के लिए हिंद महासागर के भाप वाली हवा तेजी से उपमहाद्वीप की तरफ चल पड़ती है। ये हवाएं दक्षिणी हिंद महासागर से उत्तर की ओर बढ़ती हैं। विषुवत रेखा पार करने के बाद ये हवाएं धरती के घूमने के कारण खाली होकर भारतीय भूभाग के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से की ओर बढ़ने लगती हैं और इसी कारण इसे दक्षिणी पश्चिमी मानसून भी कहते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या है अलनीनो

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिज़नेस से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।