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CM विष्णुदेव साय ने कहा, छत्तीसगढ़ में ऊर्जा सुधारों को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन

 Edited By: Adarsh Pandey
 Published : Jul 17, 2025 02:36 pm IST,  Updated : Jul 17, 2025 02:49 pm IST

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बिजली की आपूर्ति को सस्ती और टिकाऊ करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इतना ही नहीं कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट लगाने का फैसला लिया गया है।

CM Vishnu Deo Sai- India TV Hindi
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय Image Source : INDIA TV

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार राज्य को आगे बढ़ाने के लिए एक के बाद एक नए और बड़े फैसले ले रही है। सरकार ने कोरबा में एक 1320 मेगावॉट का नया प्लांट का काम शुरू किया है। इसके साथ ही किसानों पर बिजली दरों का भार न पड़े इसलिए बिजली की दरों में सिर्फ 10से 20 पैसे की बढ़ोतरी की है और ये पैसा भी सरकार द्वारा सब्सिडी के तौर पर पहले से ही उन्हें भुगतान किया जा रहा है। आइए आपको बताते हैं कि छत्तीसगढ़ की सरकार राज्य के लिए क्या अहम फैसले ले रही है।

स्टील उद्योगों के लिए राहत

राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि, 'छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग की तरफ से साल 2025-26 के लिए घोषित बिजली टैरिफ में सिर्फ 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ये पिछले सालों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है। यह फैसला जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी तरीके से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है।'

आम उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

CM ने इसके अलावा यह भी कहा कि, ' विद्युत दरों यानी बिजली की प्रति यूनिट पर लगने वाले चार्ज में सिर्फ 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए गए हैं। मगर इसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह पैसे भी सरकार की तरफ से सब्सिडी के तौर पर पहले से अग्रिम भुगतान किया जा रहा है।' सीएम ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य है कि राज्य के किसान वर्ग पर कोई भी अधिक भार न पड़े।

उद्योगों को दिया जाएगा बढ़ावा

राज्य सरकार ने उद्योगों को कंपटीटिव बनाए रखने के लिए मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे एनर्जी-इंटेंसिव इंडस्ट्री की दरों में कटौती की है। यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

गुणवत्तापूर्ण वितरण प्रणाली की दिशा में अग्रसर छत्तीसगढ़

राज्य के सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि, 'शहरी क्षेत्रों में एवरेज 23.85 घंटे प्रतिदिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है। वहीं तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (AT&C Loss) को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है। यह उपलब्धि हमारे संचालन, पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी सुधारों का प्रमाण है।'

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बड़ा निवेश

राज्य में अभी टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है। इसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए 2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए 3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए 2992 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का काम भी शुरू हो गया है। इस प्लांट की लागत 15,800 करोड़ रुपये है। इससे छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में एनर्जी सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

सौर ऊर्जा की ओर एक कदम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के प्लांट पर 78,000 रुपये तक केंद्र सरकार से और अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के प्लांटों पर 30,000 रुपये तक राज्य सरकार से अनुदान दिया जाएगा। यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है।

ऊर्जा के क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये के करार

छत्तीसगढ़ सरकार ने बताया कि पॉवर कंपनी और सरकार द्वारा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का एग्रीमेंट किया गया है। इससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार, दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ भी हो।

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