पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने बदला ले लिया है। इस कार्रवाई में इंडियन आर्मी ने 9 अलग-अलग जगहों पर 21 टेरर कैंपों को मिट्टी में मिला दिया। अब तक अन्य आतंकी ठिकानों पर कुल मिलाकर 100 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में जारी नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों ने बुधवार को 22 नक्सलियों को मार गिराया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित पहाड़ियों में 21 अप्रैल को ‘मिशन संकल्प’ नाम से अभियान शुरू किया गया था जिसमें लगभग 24 हजार जवान शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत आज सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें 22 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक वर्दीधारी महिला नक्सली को मार गिराया था तथा घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान बरामद किए थे। वहीं 24 अप्रैल को तीन महिला नक्सली के शव बरामद किए गए थे। इस अभियान में सुरक्षाबलों ने अब तक कुल 26 नक्सलियों को मार गिराया है।
अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले के दक्षिण पश्चिम सीमावर्ती क्षेत्र के जंगल में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के बाद सुरक्षा बल के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना किया था। बस्तर क्षेत्र में शुरू किए गए सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियानों में से एक इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस के एसटीएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) के जवान समेत विभिन्न इकाइयों के जवान शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अंतरराज्यीय सीमा पर बीजापुर (छत्तीसगढ़) और मुलुगु तथा भद्राद्री-कोठागुडेम (तेलंगाना) के दोनों ओर लगभग आठ सौ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले दुर्गम इलाके और घने जंगल में जारी है। यह स्थान राजधानी रायपुर से 450 किलोमीटर दूर है। उन्होंने बताया कि बताया कि जिस इलाके में अभियान चल रहा है वह पहाड़ियों के अलावा घने जंगलों से घिरा हुआ है तथा इसे माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की बटालियन नंबर एक का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। बटालियन नंबर एक माओवादियों का सबसे मजबूत सैन्य इकाई है।
अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिली है कि माओवादियों की पीएलजीए की बटालियन नंबर एक, तेलंगाना राज्य समिति और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के 500 से अधिक नक्सली अपने नेताओं के साथ इलाके में बैठक के लिए एकत्र हुए थे तथा छिपे हुए थे। इनमें केंद्रीय समिति के सदस्य चंद्रना, रामचंद्र रेड्डी, सुजाता, हिडमा और पीएलजीए बटालियन का कमांडर बरसे देवा शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पिछले चार माह में 151 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया है। बस्तर संभाग में बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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