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नया रायपुर में हो रहा है खास सम्मेलन, ‘सुशासन’ के तरीके सीख अधिकारी बदलेंगे देश की तकदीर

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Nov 21, 2024 11:04 pm IST,  Updated : Nov 21, 2024 11:04 pm IST

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि सुशासन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है, इससे न केवल देश का सुव्यवस्थित विकास होता है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाता है।

OP Chaudhary- India TV Hindi
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी Image Source : FB/OPCHAUDHARY

छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में गुरुवार को ‘सुशासन’ पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने नवा रायपुर में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग तथा छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग ने सुशासन पर क्षेत्रीय सम्मेलन की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का आयोजन सुशासन की श्रेष्ठ पद्धतियों, नागरिक सशक्तीकरण, शासन-प्रशासन के कामकाज और नागरिक सेवाओं की आम जनता तक पहुंच को आसान बनाने के लिए विभिन्न ई-मंच के उपयोग आदि से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए किया गया है। 

सम्मेलन की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि सुशासन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है, इससे न केवल देश का सुव्यवस्थित विकास होता है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, जीएसटी, ‘जेम पोर्टल’, ‘डिजिटल इनक्लूजन’ जैसे नवाचारों ने देश में बड़ा बदलाव लाया है। 

अधिकारियों को समय के साथ बदलना होगा

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित देशभर से आए भारतीय प्रशासनिक सेवा और केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधिकारी सम्मेलन में सुशासन के लिए किए जा रहे नवाचारों, श्रेष्ठ पद्धतियों और जनोन्मुखी कार्यों पर विमर्श कर रहे हैं। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि 2047 तक भारत को 55 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में नौकरशाही की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सम्मेलन में भागीदारी कर रहे विभिन्न राज्यों के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से कहा कि सुशासन, नवाचार और बदलाव के लिए खुद को बदलना होगा क्योंकि समय के साथ स्वयं को बदलने वाले ही प्रासंगिक रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि आज के पहले सत्र में चार राज्यों में हो रहे अलग-अलग नवाचारों को साझा किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक एस एन त्रिपाठी ने इस सत्र की अध्यक्षता की। 

सौर आधारित योजनाएं बचाएंगी पैसा

उत्तरप्रदेश में जल जीवन मिशन के संचालक अनुराग श्रीवास्तव ने वहां सौर आधारित सफल जल प्रदाय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सौर आधारित जल प्रदाय योजनाओं से उत्तरप्रदेश में अगले 30 सालों में एक लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। इन योजनाओं से कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। उड़ीसा के कोरापुट जिले के जिलाधिकारी वी कीर्ति वासन ने ग्रामीण औद्योगिक परिसर के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए किए जा रहे नवाचार की जानकारी दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के नागालैंड के अधिकारी थवासीलन ने अपने राज्य में नागालैंड स्वास्थ्य सुरक्षा सोसाइटी और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के नवाचार को साझा किया। इनके माध्यम से वहां बेनकदी स्वास्थ्य बीमा सुविधा तथा राज्य से बाहर भी बेनकदी स्वास्थ्य बीमा लोगों को दिया जा रहा है। 

आधुनिक तकनीकों से राजस्व मामलों का निराकरण

सम्मेलन में मध्यप्रदेश में राजस्व विभाग की उपायुक्त अलका सिंह ने वहां फरवरी से शुरू किए गए साइबर तहसील संबंधी नवाचार से अधिकारियों को अवगत कराया। वहां 'संपदा' पोर्टल से जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री और तत्काल नामांतरण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राजस्व मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। राज्य में ‘लैंड रिकॉर्ड्स’ के डिजिटलीकरण के बाद 13 तहसीलदार 1364 राजस्व न्यायालय संचालित कर रहे हैं। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 150 प्रतिनिधि सहित छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं। (इनपुट- पीटीआई भाषा)

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