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कई दिनों तक पिलाते रहे शराब और एक दिन सिर काटकर ले गए, दिल्ली में अंधविश्वास से जुड़ी चौंकाने वाली घटना

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Dec 08, 2024 06:47 am IST,  Updated : Dec 08, 2024 06:47 am IST

आरोपियों ने पहले युवक से दोस्ती की और उसे शराब पिलाते रहे। एक दिन उसका सिर काट लिया और तंत्र विद्या के जरिए पैसे हासिल करने के लिए ले गए। हालांकि, उनके साथी जल्द ही पकड़े गए और पूरी घटना का खुलासा हुआ।

Representative Image- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FREEPIK

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अंधविश्वास की हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। पुलिस ने सर कटी लाश मिलने के बाद इस मामले की जांच शुरू की थी और अब चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये चारों लोग तंत्र-मंत्र में अंधविश्वास रखते हैं और इन पर 12-22 जून की रात एक 29 वर्षीय व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। आरोपियों ने मृतक का सिर काटकर तंत्र विद्या के लिए अपने पास रख लिया था, लेकिन बाद में डर गए और नाले में छिपा दिया। पुलिस ने बताया कि उन्होंने मृतक की खोपड़ी दिल्ली के मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के निकट एक नाले से बरामद की है। 

22 जून को लोनी-भोपरा रोड पर सिर कटा शव मिलने पर पुलिस ने मुख्य आरोपी के दो साथियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन आरोपी का पता नहीं लगा पाई थी और न ही खोपड़ी बरामद कर सकी। शनिवार को गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुख्य संदिग्ध विकास परमात्मा 24, नरेंद्र उर्फ ​​एनडी 32, भाई पवन कुमार 40, और पंकज कुमार 33 के रूप में हुई, जो तांत्रिक हैं।

50-60 करोड़ चाहते थे आरोपी

पुलिस उपायुक्त निमिश पाटिल ने कहा कि आरोपियों का मानना ​​था कि मानव खोपड़ी से जुड़ी गुप्त प्रथाओं से उन्हें 50-60 करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल करने में मदद मिल सकती है । “संदिग्धों ने मूल रूप से बिहार के मोतिहारी के रहने वाले 29 वर्षीय राजू कुमार साह को निशाना बनाया, जो दिल्ली के कमला मार्केट के पास एक स्थानीय भोजनालय में काम करता था। राजू साह के माता-पिता की 15 साल पहले मौत हो गई थी। आरोपियों ने राजू को कई दिनों तक शराब और नशीली दवाओं का लालच देकर दोस्ती की। 21 जून की रात साह को दिल्ली के ताहिरपुर में परमात्मा के कमरे में ले जाया गया, जहां उसका गला घोंट दिया गया और उसे छत के पंखे से लटका दिया गया।"

पवन ने दिया था सुझाव

पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि ई-रिक्शा चालक परमात्मा दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में लिफ्ट ऑपरेटर नरेंद्र के संपर्क में आया, जिसने उसे तांत्रिकों पवन और पंकज कुमार से मिलवाया। पुलिस के अनुसार, पवन कुमार ने सुझाव दिया कि अनुष्ठान के लिए मानव खोपड़ी मिलने से अपार धन प्राप्त हो सकता है। इसके बाद आरोपियों ने प्लान बनाया और बलि के लिए साह को फंसाया। साह की हत्या करने के बाद परमात्मा शव को गाजियाबाद के टीला मोड़ ले गया, सिर काटकर नरेंद्र को सौंप दिया, जिसने इसे तंत्र-मंत्र करने वालों को सौंप दिया।

मृतक की खोपड़ी बरामद

पुलिस ने बताया कि अगस्त में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पवन और पंकज कुमार ने कथित तौर पर घबराकर खोपड़ी को पत्थर से बांधकर मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास एक नाले में छिपा दिया था। शनिवार को उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने खोपड़ी बरामद कर ली। डीसीपी पाटिल ने कहा, "आरोपियों ने गुप्त अनुष्ठानों के लिए खोपड़ी प्राप्त करने के लिए हत्या की योजना बनाई थी। हत्या की योजना सावधानीपूर्वक बनाई गई थी, और आरोपियों ने सबूत नष्ट करने के इरादे से काम किया।" आरोपियों के खिलाफ टीला मोड़ पुलिस स्टेशन में हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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