नई दिल्ली: सीबीआई ने सऊदी अरब में हत्या के आरोपी को 26 साल बाद गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। आरोपी का नाम मोहम्मद दिलशाद है। दिलशाद पर आरोप है कि उसने सऊदी अरब के रियाद में 1999 में एक शख्स की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह फरार होकर भारत आ गया था। यहां उसने पहचान बदल ली थी और एक नए पासपोर्ट के आधार पर वह देश-विदेश की यात्राएं करता था।
अप्रैल 2022 में CBI ने दर्ज किया था केस
सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुरोध पर सीबीआई ने अप्रैल 2022 में यह मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आरोपी मोहम्मद दिलशाद ने सऊदी अरब के रियाद स्थित उस परिसर में एक व्यक्ति की हत्या की थी जहां वह हैवी मोटर मैकेनिक और सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था।
अलग पहचान से करता था देश-विदेश की यात्रा
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने आरोपी के पैतृक गांव का पता लगाया। बिजनौर (उत्तर प्रदेश) में एक पुलिस स्टेशन में में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और आरोपी मोहम्मद दिलशाद के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया। हालांकि, लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद भीवह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी मोहम्मद दिलशाद धोखे से प्राप्त एक अलग पहचान के बल पर कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों की यात्रा करता था।
आईजीआई एयरपोर्ट से हुई गिरफ्तारी
विभिन्न तकनीकी सुरागों और ह्यूमैन इंटेलीजेंस इनपुट के आधार पर आरोपी मोहम्मद दिलशाद के नए पासपोर्ट का पता चला और उसके खिलाफ दूसरा LOC जारी किया गया। उसे 11 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी उस समय हुई जब वह एक अलग पासपोर्ट के आधार पर मदीना से जेद्दा, सऊदी अरब होते हुए नई दिल्ली की यात्रा कर रहा था। आरोपी मोहम्मद दिलशाद (उम्र लगभग 52 वर्ष) भारी वाहनों का मैकेनिक है और वर्तमान में मदीना, सऊदी अरब की एक कंपनी में कार्यरत है।