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दिल्ली चुनावः महिलाओं पर गंदे कमेंट और फ्री के वादों पर क्या बोला चुनाव आयोग, जानें यहां

 Reported By: Vijai Laxmi Edited By: Mangal Yadav
 Published : Jan 07, 2025 03:55 pm IST,  Updated : Jan 07, 2025 04:12 pm IST

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में बदलाव असंभव है। शाम 5 बजे के बाद मतदान बढ़ने की गलत धारणा फैलाई जा रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार- India TV Hindi
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार Image Source : PTI

नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान मंगलवार को हो गया। राष्ट्रीय राजधानी में एक ही चरण में पांच फरवरी को वोटिंग होगी। मतगणना आठ फरवरी को होगी। चुनाव के ऐलान के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने विपक्ष के आरोपों का खुलकर जवाब दिया। वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम काटना, एकाएक वोटिंग प्रतिशत बढ़ना और ईवीएम हैक समेत कई सवालों का राजीव कुमार ने जवाब दिया और कहा कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराता है। 

मुफ्त के वादों पर क्या बोले सीईसी

विधानसभा चुनावों में मुफ्त के वादों पर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि इस पर कुछ नहीं कह सकते। फ्री के वादों पर हमारे हाथ बंधे हैं। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 

महिलाओं पर विवादित बयान पर क्या बोले राजीव कुमार

सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि स्टार प्रचारकों को मर्यादा में रहकर ही चुनाव प्रचार करना चाहिए। किसी भी नेता को महिलाओं पर गंदे कमेंट करने से बचना चाहिए। महिलाओं के लिए गंदे कमेंट नहीं होने चाहिए। हम अपने DEO को एक्शन लेने से रोका हुआ है। ऐसे लोगों पर वोटर ही अपना फैसला देंगे। 

राजीव कुमार ने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होगा, ऐसे में दिल्ली चुनाव प्रभावित हो सकता है। इसलिए दिल्ली को लेकर कुछ भी खास बजट में ऐलान नहीं होना चाहिए। इस पर हम आज ही चिट्ठी लिखेंगे।

मतदाताओं के नाम काटने के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दिया ये जवाब

सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटने के आरोप गलत हैं। अगर किसी का नाम कटता है तो वह क्यों नहीं आयोग के पास जाता। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने को लेकर पर्याप्त समय मिलता है। राजनीतिक दलों को इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया जाता है। मतदाता सूचियों को हटाने या जोड़ने में उचित प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाता है। किसी भी हेरफेर की कोई गुंजाइश नहीं होती।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में लगभग 1.55 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 71.74 लाख महिलाएं शामिल हैं। दिल्ली में 2 लाख से अधिक लोग पहली बार मतदाता बने हैं। दिल्ली में 13 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। 

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