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जामिया ने दुष्कर्म के आरोपी प्रोफेसर को किया बर्खास्त, कहा- महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति

 Reported By: Shoaib Raza Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Mar 26, 2025 08:37 pm IST,  Updated : Mar 26, 2025 08:37 pm IST

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने एक महिला की तरफ से एक यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, गरिमा और अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला जामिया मिल्लिया इस्लामिया द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया देश की टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल है। यूनिवर्सिटी ने आज राजनीति विज्ञान विभाग के एक सहायक प्रोफेसर (अनुबंधित) को तब बर्खास्त कर दिया, जब न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में एक महिला द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिली। प्रशासन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी से उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं और कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया महिलाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा के प्रति शून्य सहनशीलता (ज़ीरो टॉलरेंस) की नीति का पालन करता है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने की निंदा

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि वह स्थायी संकाय (फैकल्टी) सदस्य नहीं है, बल्कि केवल एक अनुबंधित कर्मचारी है जिसे अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, यह स्पष्ट किया जाता है कि यौन हमले की घटना यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर हुई थी और यह पूरी तरह से व्यक्तिगत एवं निजी मामला है। अतः जामिया मिल्लिया इस्लामिया का इस कथित घटना से कोई संबंध नहीं है क्योंकि यह विश्वविद्यालय परिसर में नहीं घटित हुई। फिर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस गंभीर अपराध की कड़ी निंदा करते हुए उसको बर्खास्त कर दिया।

यूनिवर्सिटी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, गरिमा और अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला जामिया मिल्लिया इस्लामिया द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूनिवर्सिटी को पूरा विश्वास है कि न्याय होगा, क्योंकि कानून अपना मार्ग स्वयं निर्धारित करेगा।

महिलाओं के लिए आंतरिक शिकायत समिति मौजूद

इसके साथ ही, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतिकर) अधिनियम, 2013 (POSH अधिनियम) के तहत विधिवत गठित आंतरिक शिकायत समिति मौजूद है। इसके अलावा, इस समिति की जानकारी व्यापक रूप से प्रसारित की जाती है ताकि यूनिवर्सिटी के सभी संबंधित पक्षों के लिए इसे सुलभ बनाया जा सके। अधिनियम में निहित सभी नैतिक दिशानिर्देशों का विश्वविद्यालय द्वारा पूर्ण रूप से और पूरी निष्ठा के साथ पालन किया जाता है।

'महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जामिया'

इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों, विभागों और केंद्रों द्वारा समय-समय पर जेंडर संवेदनशीलता पर कार्यशालाएं और व्याख्यान सक्रिय रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों को महिलाओं के यौन उत्पीड़न और POSH अधिनियम के अन्य प्रावधानों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। जामिया मिल्लिया इस्लामिया महिलाओं की गरिमा की रक्षा और उसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता है कि विश्वविद्यालय संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए एक सुरक्षित और संरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करे।

(रिपोर्ट- इला भटनागर)

 

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