Parshuram Jayanti 2026: परशुराम जयंती हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। साल 2026 में 19 अप्रैल को परशुराम जयंती मनाई जाएगी। भगवान विष्णु छठे अवतार परशुराम जी को शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञाता माना जाता। भगवान परशुराम सात चिरंजीवियों में से एक हैं। आज हम आपको भगवान परशुराम जी के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में अपने इस लेख में बताएंगे।
भगवान परशुराम से जुड़ी 10 रोचक बातें
- परशुराम जी का मूल नाम राम था। भगवान शिव के द्वारा इन्हें 'परशु' (फरसा) दिया गया था इसलिए इन्हें परशुराम कहा जाने लगा।
- भगवान परशुराम सात चिरंजीवियों में से एक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परशुराम जी आज भी महेंद्रगिरि पर्वत पर तपस्या में लीन हैं।
- कर्ण, द्रोणाचार्य और भीष्म जैसे महान योद्धाओं के गुरु भी परशुराम जी ही थे। इन सभी को अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान परशुराम जी ने ही दिया था।
- भगवान परशुराम ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी जिससे प्रसन्न होकर शिव जी ने फरसा के साथ ही दिव्य अस्त्र परशुराम जी को दिए थे।
- पिता की आज्ञा पाकर एक बार परशुराम जी ने माता का वध कर दिया था, पिता ने प्रसन्न होकर वरदान मांगने को कहा तो माता को पुनर्जीवित करवा के उन्होंने कठिन परीक्षा पार कर ली।
- ब्राह्मण कुल में पैदा होने के बावजूद भी परशुराम जी के कर्म क्षत्रियों वाले थे। शास्त्र के साथ ही शस्त्रों का भी उन्हें ज्ञान था।
- परशुराम जी ने अधर्मी हैययवंशी क्षत्रियों से 21 बार पृथ्वी की रक्षा की थी।
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग में भगवान के कल्कि अवतार को शस्त्र विद्या देंगे।
- परशुराम ने हमेशा अधर्म के विरुद्ध युद्ध लड़ा, उनके द्वारा कभी भी निर्दोषों पर अस्त्र-शस्त्र नहीं उठाए गए।
- क्षत्रियों से जीती गई धरती को परशुराम जी ने ऋषि कश्यप को दान किया था।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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