नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने राजधानी में टिल्लू ताजपुरिया गैंग को दोबारा सक्रिय करने की साजिश का पर्दाफाश किया है। मामले की जब जांच की गई तो इसकी कड़ी दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार तक पहुंची है, जिसे मुख्य आरोपी के तौर पर दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पवन कुमार और मारे जा चुके गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया एक ही गांव के रहने वाले हैं। मामले में अभी तक कुल तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं, जबकि बाकी के सहयोगियों और फाइनेंसरों की तलाभ में पुलिस लगी हुई है।
रियल एस्टेट कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने से जुड़ा है मामला
पुलिस के मुताबिक, यह मामला एक रियल एस्टेट कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने से जुड़ा है। कारोबारी को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए लगातार धमकियां मिल रही थीं की पैसे न देने पर उसे जान से मार दिया जाएगा। आरोप है कि कारोबारी द्वारा जब पैसा नहीं दिया गया तो हथियारबंद बदमाश कारोबारी के घर पर भी पहुंच गए थे और कारोबारी के साथ ही उसके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी बदमाशों के द्वारा दी गई थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने 27 जून को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान मिले सबूतों और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार तक पहुंच गई। इसके बाद उसे मुख्य आरोपी मानते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि रंगदारी से वसूली जाने वाली रकम का इस्तेमाल गैंग के जेल में बंद और विदेश में छिपे सदस्यों के खर्च चलाने के लिए किया जाना था। पुलिस का मानना है कि यह पूरी साजिश गैंग के नेटवर्क को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उसकी गतिविधियों को फिर से तेज करने के उद्देश्य से रची गई थी। पुलिस के अनुसार, फिलहाल टिल्लू ताजपुरिया गैंग की कमान अमित उर्फ 'डबांग' और विदेश में बैठे हिम्मत चीका के हाथ में है। जांच में यह भी पता चला है कि गैंग सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने और नई भर्ती करने की कोशिश कर रहा है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं के जरिए टिल्लू गैंग दिल्ली के अंडरवर्ल्ड में दोबारा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में लगा हुआ था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गई है और गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों, मददगारों तथा आर्थिक सहायता पहुंचाने वाले लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी भी की जा रही है। आपको बता दें कि इस से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुछ दिनों पहले मंजीत महल गैंग के गैंगस्टर लोकेश उर्फ सूर्या को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा सूर्या पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
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